महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का नाम सुनते ही हेलीकॉप्टर शॉट, वर्ल्ड कप और शानदार कप्तानी याद आ जाती है। लेकिन क्रिकेट के मैदान से बाहर उनकी एक और दुनिया है, जो उतनी ही दिलचस्प है। रांची में मौजूद उनका 43 एकड़ का ईजा फार्म (Eeja Farm) इस बात का सबूत है कि धोनी को सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि खेती और प्रकृति से भी गहरा लगाव है। धोनी के जन्मदिन के मौके पर यहां जानिए उनके फार्म और खेती से जुड़ी खास बातें।
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रांची स्थित इस खास फार्म में मौसम के अनुसार कई तरह के फल और सब्जियां उगाई जाती हैं। ऑर्गेनिक फार्मिंग के साथ ही यहां पर पोल्ट्री फार्मिंग भी बड़े स्तर पर की जाती है। करोड़ों लोगों के पसंदीदा क्रिकेटर होने के बावजूद धोनी आज भी अपनी मिट्टी से जुड़े हुए हैं। यही सादगी और मेहनत उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाती है। उनका फार्म आज उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो आधुनिक ऑर्गेनिक खेती और प्रकृति के साथ आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
43 एकड़ में फैला खेती फार्म
रांची में स्थित 'ईजा फार्म' करीब 43 एकड़ में फैला एक आधुनिक कृषि परिसर है। यहां मौसम के हिसाब से अलग-अलग फलों और सब्जियों की खेती की जाती है। ऑर्गेनिक तरीके से यहां पर मौसम अनुसार अलग अलग वैरायटी वाली स्ट्रॉबेरी, तरबूज, अमरूद और ड्रैगन फ्रूट जैसे फल उगाए जाते हैं। न केवल फल बल्कि ऑर्गेनिक अच्छी क्वालिटी वाली सब्जियां भी धोनी के खेत में उगते हैं।
पोल्ट्री फार्मिंग भी
धोनी का फार्म सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। यहां गिर नस्ल की गायों का पालन किया जाता है, जिनका दूध लोकल मार्केट्स में पहुंचता है। इसके अलावा हजारों कड़कनाथ मुर्गे भी इस फार्म का हिस्सा हैं। अपनी अलग क्वालिटी के कारण कड़कनाथ की काफी मांग रहती है।आप भी खरीद सकते हैं फल-सब्जियां
धोनी के फार्म में तैयार होने वाली फल सब्जियां, समय-समय पर लोकल मार्केट और उनके अपने रिटेल आउटलेट्स के जरिए लोगों तक पहुंचाए जाते हैं। रांची और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग इन प्रोडक्ट्स को आसानी से खरीद सकते हैं।क्रिकेट में तमाम रिकॉर्ड बनाने के बाद भी धोनी का जमीन और खेती जुड़ाव आज भी वैसा ही है। खाली समय में वह अक्सर अपने फार्म का दौरा करते हैं और खेती से जुड़े कामों में रुचि लेते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें सिर्फ एक महान खिलाड़ी नहीं, बल्कि मेहनत और सादगी की मिसाल भी मानते हैं।
