Maa Shayari in Hindi: मां भारतीय संस्कृति और साहित्य में एक ऐसी शख्सियत है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। उर्दू और हिंदी शायरी में मां को प्रेम, त्याग और ममता का प्रतीक माना गया है। कई शायरों ने मां की महिमा को अपनी रचनाओं में बखूबी उकेरा है। इस फेहरिस्त में मुनव्वर राना, बशीर बद्र और निदा फ़ाज़ली जैसे नाम प्रमुख हैं। इन शायरियों की सबसे खूबसूरत बात ये है कि इन्हें ये मां के प्रति गहरी भावनाओं, उनके बलिदान और असीम प्यार के धागे में पिरोया गया है। अगर आप भी मां का दिल जीतना चाहते हैं तो उन्हें ये चुनिंदा शेर जरूर सुनाएं:
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आई,
मैं घर में सबसे छोटा था, मेरे हिस्से में मां आई।
– मुनव्वर राना
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है,
मां बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
– मुनव्वर राना
चलती फिरती हुई आँखों से अज़ां देखी है,
मैंने जन्नत तो नहीं देखी है, मां देखी है।
– मुनव्वर राना
. मां ने मुझे देखा तो थकन भूल गई है,
शहर के रास्ते हों चाहे गांव की पगडंडियां।
– मुनव्वर राना
मैंने जो मां पर लिखा है, वही काफी होगा,
नेकियां गिनने की नौबत ही नहीं आएगी।
– मुनव्वर राना
मां के बिना ज़िंदगी सूनी, जैसे बस्ती बिना पानी,
उसके आंचल की छाँव में ही तो बसती है जिंदगानी।
– अज्ञात
वो एक मां ही थी जो मेरे लिए जागी रातों को,
बाकी सबने तो बस मुझसे अपने मतलब रखे।
– अज्ञात
मां की दुआएं ही बचा लेती हैं हर मुसीबत से,
वो आंचल है जिसमें छुपा है सारा जहां।
– मुनव्वर राना
मां की गोद में सुलाए हुए कितने दिन बीते,
अब तो नींद भी उसकी याद में ही आती है।
– बशीर बद्र
मां के बिना घर आँगन वीरान सा लगता है,
वो एक दीया थी, जिसका उजाला अब नहीं।
– अज्ञात
मां की ममता का कोई मोल नहीं इस दुनिया में,
वो खजाना है जो कभी खाली नहीं होता।
– अज्ञात
मां पर लिखे ये खूबसूरत शेर भेज आप उनका दिल जीत सकते हैं। आप ये शेर मां के जन्मदिन, मदर्स डे या फिर किसी और खास मौके पर उन्हें समर्पित कर सकते हैं।
