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Monsoon Festivals In India: जब बरसात लाती है त्योहारों की सौगात, बूंदों की रिमझिम में झूमते भारत के पारंपरिक उत्सव

Monsoon season festivals Name in Hindi: भारत का मानसून अपने साथ केवल पानी नहीं, बल्कि परंपराओं की भी फुहारें लाता है, जो तन को नहीं, मन को भिगो देती हैं। मानसून में प्रकृति, परंपरा और प्रेम तीनों मिलकर त्योहारों की एक रंग-बिरंगी गाथा रचते हैं।

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Monsoon Festivals in India (मानसून के पर्व)

Monsoon Festivals in India: बारिश की पहली बूंद जैसे ही धरती को छूती है, भारत की सांस्कृतिक भूमि पर उल्लास की एक नई फसल उग आती है। यही वो ऋतु है, जब प्रकृति, परंपरा और प्रेम तीनों मिलकर रचते हैं त्योहारों की एक रंग-बिरंगी गाथा। भारत में मानसून केवल मौसम नहीं एक उत्सव है, जिसे देश का हर कोना अपने अंदाज़ में जीता है।

Monsoon season festivals | Rainy season festivals name

उत्तर भारत में हरियाली तीज का त्योहार जब सावन की हरियाली से घिरा होता है, तो स्त्रियों की चूड़ियों, मेंहदी और गीतों में बस जाता है प्रेम का सावन। झूले, लोकगीत और सखियों की हंसी, यह सब मिलकर तीज को एक मधुर उत्सव में ढाल देते हैं।

दक्षिण भारत में आदि पेरुक्कु तमिलनाडु में नदियों की पूजा का पर्व है, जो जल जीवन की महिमा का उत्सव बन जाता है। नदियों के तट पर महिलाएं नए वस्त्रों में सजकर देवी की आराधना करती हैं, यह त्योहार जल को सिर्फ संसाधन नहीं, सजीव आस्था के रूप में देखता है।

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मानसून के त्योहार

रथ यात्रा, जो ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विशाल यात्रा का प्रतीक है, भी इसी ऋतु में आती है। श्रद्धा और जनसैलाब की यह बौछार भी मानसून के स्वागत की तरह लगती है।

वहीं नाग पंचमी में सांपों की पूजा कर प्रकृति के हर जीव से संतुलन का संदेश दिया जाता है। इसी मानसून में पड़ने वाले रक्षाबंधन हमें विश्वास, जिम्मेदारी और पारिवारिक प्रेम की सुंदर मिसाल देता है। और जनमाष्टमी, कृष्ण के जन्मोत्सव की वह रात्रि है जिसमें बारिश, बांसुरी और भक्तिभाव एक सुर में बहते हैं।

मानसून के ये उत्सव सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का उत्सव हैं। खेतों में हल चलने से पहले, धरती के भीगने से पहले, मन भीगता है..भक्ति में, प्रेम में, गीतों में। अगर कहें कि भारत का मानसून अपने साथ केवल पानी नहीं, बल्कि परंपराओं की भी फुहारें लाता है, जो तन को नहीं, मन को भिगो देती हैं, तो कहीं से अतिशयोक्ति नहीं होगी।।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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