लाइफस्टाइल

52 की उम्र में ऐसे वाले योगासन करती हैं मलाइका अरोड़ा, पतली कमर तो फिट बॉडी के लिए 50+ की महिलाएं कर लें कॉपी

52 साल की उम्र में भी मलाइका अरोड़ा अपनी फिटनेस और टोंड फिगर से सबको प्रेरित करती हैं। उनके योगा रूटीन में शरीर को मजबूत, स्लिम रखने, बढ़ती उम्र में लचीलापन बनाए रखने से जुड़े आसन शामिल हैं।

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Malaika Arora Yoga Pose

बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, जैसे मांसपेशियों की ताकत कम होना, वजन बढ़ना, पेट और कमर के आसपास चर्बी जमा होना और शरीर का लचीलापन घट जाना। हालांकि, सही लाइफस्टाइल, योग और नियमित एक्सरसाइज की मदद से उम्र को सिर्फ एक संख्या साबित किया जा सकता है। इसका बेहतरीन उदाहरण हैं बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा। 52 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस, एनर्जी और फ्लेक्सिबिलिटी लोगों को प्रेरित करती है।

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मलाइका अक्सर सोशल मीडिया पर अपने योगा सेशन्स की झलक साझा करती हैं। उनके फिटनेस रूटीन में ऐसे योगासन शामिल हैं जो शरीर को मजबूत बनाने, कमर को टोन रखने, संतुलन सुधारने और मानसिक शांति पाने में मदद करते हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से कई योगासन 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं भी अपनी क्षमता के अनुसार आसानी से कर सकती हैं।

त्रिकोणासन

त्रिकोणासन शरीर के साइड हिस्सों को स्ट्रेच करता है। यह कमर, कूल्हों और पैरों की मांसपेशियों को टोन करता है। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर होता है और कमर अधिक लचीली होती है। यह आसन लंबे समय तक बैठने से होने वाली अकड़न को भी कम कर सकता है।

वीरभद्रासन

वीरभद्रासन शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में असरदार है। इसे करने से जांघों, कंधों और कोर मसल्स पर काम होता है। यह आसन शरीर के पौश्चर को सुधारने में मदद करता है।

नौकासन

अगर पेट और कमर के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाना चाहती हैं तो नौकासन उपयोगी हो सकता है। यह शरीर के मध्य भाग पर फोकस करता है और बैलेंस क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।

वृक्षासन

वृक्षासन एक सिंपल लेकिन प्रभावी योग मुद्रा है। इसे करने से शरीर का संतुलन बेहतर होता है और पैरों की ताकत बढ़ती है। बढ़ती उम्र में ये वाला आसन बहुत असरदार हो सकता है।

भुजंगासन

भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को स्ट्रेच करने और पीठ को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह आसन छाती को खोलता है और शरीर को अधिक ऊर्जावान महसूस करा सकता है। नियमित अभ्यास से शरीर का लचीलापन भी बेहतर होता है।

50 वर्ष की उम्र के बाद किसी भी नए योगासनों को अपनी क्षमता के अनुसार करें और शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। यदि किसी प्रकार का दर्द या असहजता महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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