National Consumer Day: हर दिन हम बाजार, शॉपिंग मॉल, ऑनलाइन या फिर अन्य जगहों से कुछ न कुछ सामान खरीदते है। जिसकी वजह से हम सभी किसी न किसी रूप में उपभोक्ता होते हैं। आज का उपभोक्ता अधिक दाम, जमाखोरी, कालाबाजारी और मिलावट जैसी समस्याओं से घिरा हुआ है। एक तरह से उपभोक्ता हर जगह ठगा जाता है। इसलिए, उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। बता दें कि, उपभोक्ता उस शख्स या संस्था को कहा जाता है जो किसी उत्पाद या सेवा की खरीदारी करती है। अगर कोई दुकानदार या व्यापारी इनका शोषण करता है तो वह दंड का पात्र है। यहां आज हम आपको उपभोक्ताओं के अधिकारों के बारे में बता रहे हैं।
1. राइट टू सेफ्टी
राइट टू सेफ्टी के तहत उपभोक्ताओं को सुरक्षा का अधिकार मिला है। कोई भी दुकानदार अपने ग्राहक को खराब वस्तु नहीं दे सकता। दुकानदार या सेवा प्रदान करने वाली संस्था को सामान या सेवा देते समय इस बात का खासा ध्यान रखना चाहिए कि सामान की गुणवत्ता खराब ना हो। अगर आपको कोई खराब सामान मिलता है तो ग्राहक होने के नाते आप उसे बदलवा सकते हैं।
2. राइट टू इन्फॉर्मेशन
उपभोक्ताओं को राइट टू इन्फॉर्म के तहत किसी भी प्रोडक्ट की क्वालिटी या क्वांटिटी के बारे में जानने का पूरा अधिकार मिला है। उपभोक्ताओं के पास पूरा अधिकार है कि वे प्रोडक्ट या सर्विस की क्वालिटी, प्राइज और क्वालिटी स्टैंडर्ड से जुड़ा कोई भी सवाल दुकानदार से पूछ सकते हैं।
3. राइट टू चूज
राइट टू चूज उपभोक्ताओं को अधिकार देता है कि वह अपनी पसंद के किसी भी प्रोडक्ट का चुनाव कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को कोई भी सामान या सर्विस चुनने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। ग्राहक अपनी पसंद के हिसाब से कोई भी सामान खरीद सकता है।
4. राइट टू हर्ड
उपभोक्ता को यह अधिकार है कि यदि आपके साथ कोई अन्याय हो तो उसे सुना जाए। बता दें कि कोई भी दुकानदार अपने उपभोक्ता से बेईमानी करता है तो वह कंज्यूमर कोर्ट जाकर अपनी बात रख सकता है।
5. राइट टू रिड्रेसल
अगर किसी उपभोक्ता को कोई खराब प्रोडक्ट मिलता है तो वह रिलीफ अमाउंट या दूसरा सही प्रोडक्ट मांग सकता है। दुकानदार इससे इनकार नहीं कर सकता है। मना करने पर उपभोक्ता कंज्यूमर कोर्ट जा सकता है।
6. राइट टू कंज्यूमर राइट्स एजुकेशन
उपभोक्ता को यह अधिकार है कि उसे अपने अधिकारों की पूरी जानकारी हो। साथ ही उपभोक्ताओं को अपने साथ होने वाले फ्रॉड या अन्याय के प्रति जानकारी होना भी जरूरी है। इसलिए भारत सरकार समय-समय पर ग्राहक जागरूकता अभियान भी चलाती है।
