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Friendship Day: जानें लड़के और लड़क‍ियों की दोस्‍ती में क्‍या होता है फर्क, शायद मिल जाए अंजलि को क्‍यों समझ नहीं पाया राहुल वाला जवाब

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Jul 30, 2024, 05:10 PM IST

फ्रेंडशिप डे हमें दोस्ती के अनमोल रिश्ते की याद दिलाता है। जब कभी भी हम परेशान रहते हैं तब हमारे दोस्त ही हमारे काम आते हैं। इसलिए जीवन में सच्चा और अच्छा दोस्त होना बेहद जरूरी है। लेकिन क्या कभी आपने ये गौर किया है कि पुरुषों और महिलाओं के अपने दोस्तों के साथ अलग-अलग रिश्ते होते हैं।

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difference between male female or boys girls friendship

फिल्म शोले में जय वीरू की दोस्ती हो या फिर प्यार का पंचनामा में रज्जो, निशांत और विक्रांत की तिकड़ी हो। या फिर कुछ कुछ होता है में राहुल और अंजली की क्यूट सी दोस्ती... इन सभी किरदारों ने दोस्ती के असल मायने को समझाया है। इन सभी किरदारों ने ये तो साफ कर दिया था कि जीवन में एक अच्छा दोस्त होना कितना जरूरी है। वहीं राहुल और अंजली की दोस्ती ने दर्शकों को ये बताया कि लड़के और लड़कियों की दोस्ती में कैसे फर्क होता है। हमारे जीवन में दोस्ती की बेहद खास अहमियत होती है। दोस्ती ऐसा रिश्ता है जो आपको मानसिक और भावनात्मक रूप से हेल्दी रखता है। फ्रेंडशिप डे हमें दोस्ती के अनमोल रिश्ते की याद दिलाता है। जब कभी भी हम परेशान रहते हैं तब हमारे दोस्त ही हमारे काम आते हैं। इसलिए जीवन में सच्चा और अच्छा दोस्त होना बेहद जरूरी है। लेकिन क्या कभी आपने ये गौर किया है कि पुरुषों और महिलाओं के अपने दोस्तों के साथ अलग-अलग रिश्ते होते हैं। लड़के और लड़कियों की दोस्ती में काफी फर्क देखने को मिलता है। ये फर्क या अंतर सामाजिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक कारकों से प्रभावित होते हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे लड़के और लड़कियों की दोस्ती में फर्क होता है और किसका रिश्ता सबसे मजबूत होता है। उससे पहले ये जान लीजिए क‍ि फ्रेंडशिप के क्या क्या फायदे होते हैं।

Benefits of Friendship

Benefits of Friendship

फ्रेंडशिप के फायदे - Benefits of Friendship In Hindi

male friends benefits

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1. मेंटल हेल्थ के लिए

हमारी जिंदगी में एक अच्छे दोस्त का होना मेंटल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि दोस्तों के साथ समय बिताने से तनाव कम होता है और माइंड रिलैक्स होता है।

2. सोशल सपोर्ट

एक सच्चा दोस्त ही बुरे वक्त में आपका साथ देता है और हमारे साथ खड़े रहकर डटकर चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करता है। दोस्तों के सर्पोट से कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ता है जिससे कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

3. फिजिकल हेल्थ

हेल्दी फ्रेंडशिप का असर हमारी मेंटल हेल्थ के साथ साथ फिजिकल हेल्थ पर भी पड़ता है। रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि जिन लोगों की लाइफ में अच्छे दोस्त होते हैं वो ज्यादा हेल्दी रहते हैं।

4. आत्मविश्वास बढ़ता है

अच्छे दोस्त हमें अच्छे और बुरे दोनों पहलुओं पर आइना दिखाने का काम करते हैं जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है। यह आत्मविश्वास हमारे पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बहुत काम आता है।

लड़कियों की दोस्ती लड़कों से अलग कैसे होती है

difference between male and female friends

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इमोशंस का फैक्‍टर

लड़कों की तुलना में लड़कियां बहुत ज्यादा इमोशनल होती हैं। महिलाएं अपने दोस्तों के साथ इमोशनल बॉन्ड शेयर करती हैं। जिसकी वजह से वो अपने दोस्तों के साथ व्यक्तिगत विचारों, भावनाओं और अनुभवों को अधिक खुले तौर पर साझा करती हैं। लड़कियां अपने दोस्तों से अक्सर बातचीत करती रहती हैं। जबकि लड़कों की दोस्ती में ये देखने को मिलता है वो इमोशनली ज्यादा कनेक्टेड नहीं होते हैं। लड़के भी अपने पर्सनल अनुभवों को दोस्तों के साथ शेयर करते हैं लेकिन वो उतने एक्सप्रेसिव नहीं होते। लड़के अपने दोस्तों को हमेशा सपोर्ट करते हैं।

बात चीत का तरीका

लड़कियों और लड़कों की बातचीत भी अपने दोस्तों के साथ अलग तरीके से होती है। लड़कियां अपने दोस्तों के साथ किसी भी टॉपिक पर ज्यादा विस्तार से बातचीत करती हैं। वे अक्सर लंबी अपनी दोस्तों से लंबी बातचीत करती हैं जिसमें उनके पर्सनल मुद्दे, रिलेशनशिप से जुड़ा मुद्दा और इमोशनल मुद्दा शामिल होता है। वहीं दूसरी तरफ लड़कों की दोस्तों के साथ बातचीत ज्यादातर काम को लेकर या फिर कॉमन टॉपिक्स को लेकर ही होती है और वो ज्यादा समय तक किसी से भी बात करना पसंद नहीं करते। वहीं लड़के और लड़कियों की बातचीत के तरीकों में अंतर को लेकर कई बार गलतफहमी भी पैदा हो जाती है।

Maliaka kareena karishma amrita together

Maliaka kareena karishma amrita together

सामाजिक गतिविधियां

लड़कियों की दोस्ती में अक्सर ऐसी गतिविधियां शामिल होती हैं जो बातचीत और इमोशनल कनेक्शन को सुविधाजनक बनाती हैं, जैसे कॉफ़ी पीना, शॉपिंग करना या सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेना। जबकि लड़कों की दोस्ती अक्सर साझा गतिविधियों या रुचियों पर केंद्रित होती है। इनमें खेलना, गेम देखना, प्रोजेक्ट पर काम करना या कोई शौक पूरा करना शामिल हो सकता है। इससे लड़कों की दोस्ती और भी ज्यादा मजबूत होती है।

मतभेद कैसे कैसे

इस मुद्दे पर भी लड़के और लड़कियों की दोस्ती में अंतर देखने को मिलता है। लड़कियां किसी भी मुद्दे पर हुए मतभेद पर खुलकर बात करने को तैयार रहती हैं। वो अपनी बातों को सामने रखते हुए दूसरे व्यक्ति को ये समझाने की कोशिश कर सकती हैं कि उनका किसी मुद्दे पर क्या सोचना है और इस तरह दोस्ती में आए मतभेद को हल करने की कोशिश करती हैं। वहीं लड़के किसी भी मुद्दे पर हुए मतभेद को निपटाने के लिए सीधी बातचीत करते हैं। रिश्ते में आए मदभेद को कम करने के लिए वे हास्य का प्रयोग करते हैं। कई बार लड़के मुद्दे से हटकर भी मतभेद को सुलझाने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस तरह से कई बार कुछ मुद्दों पर मतभेद रह ही जाता है।

maliaka amrita and kareena friendship

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सपोर्ट

लड़कियां अक्सर इमोशनल, सोशल और प्रैक्टिकल हेल्प के लिए अपने दोस्तों पर भरोसा करती हैं। महिला मित्रों को आमतौर पर विश्वासपात्र के रूप में देखा जाता है जो सलाह,सहानुभूति और सुनने की क्षमता रखती हैं। वहीं लड़के अपने दोस्तों को मिलकर मदद करते हैं। हालांकि लड़के अपने मदद को नहीं गिनवाते हैं। आसाना शब्दों में समझने के लिए ऐसे समझें कि अगर आपका दोस्त घर शिफ्ट कर रहा है और आप शिफ्टिंग में उसकी मदद कर रहे हैं तो आप उसे बाद में भी ये बात नहीं जताएंगे। लड़कों की दोस्ती इसलिए भी काफी लंबे समय तक टिकती है।

Ritu raj
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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