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Labour Day 2023: देश में ऐसे हुई थी मजदूर दिवस की शुरुआत, यहां देखें तारीख, महत्व और इतिहास

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated May 1, 2023, 02:45 PM IST

Labour Day 2023 (मजदूर दिवस 2023): कई देशों में मजदूर दिवस पर नेशनल हॉलिडे भी होता है। इस दौरान कई संगठन अपने कर्मचारियों की बेहतरी के लिए अभियान आयोजित करते हैं। साल 2023 में मजदूर दिवस सोमवार 1 मई को मनाया जाएगा।

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Labour Day 2023: 1 मई को मनाया जाता है मजूदर दिवस।

Photo : iStock

Labour Day 2023 Date, History, Importance: अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (Labour Day 2023) हर साल 1 मई को भारत समेत दुनिया के 80 से अधिक देशों में मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Labour Day 2023)को मई डे (May Day), मजूदर दिवस (Labour Day) भी कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Labour Day) को मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों और श्रमिकों की उपलब्धियों का सम्मान करना और उनके द्वारा किए गए योगदान को याद करना है।

इसके साथ ही हमें मजदूरों के हक़ के लिए आवाज़ उठानी होगी और शोषण को रोकना होगा। कई देशों में मजदूर दिवस पर नेशनल हॉलिडे भी होता है। इस दौरान कई संगठन अपने कर्मचारियों की बेहतरी के लिए अभियान आयोजित करते हैं। साल 2023 में मजदूर दिवस सोमवार 1 मई को मनाया जाएगा।

मजदूर दिवस का इतिहास और महत्व

मजदूर आंदोलन अमेरिका में 1 मई, 1886 को शुरू हुआ था। इस आंदोलन में अमेरिका के मजदूर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे थे। दरअसल उस समय मजदूरों से 15-15 घंटे काम करने को कहा गया था। इस आंदोलन के बीच पुलिस ने मजदूरों पर गोलियां चलाईं, जिसमें मजदूरों की जान चली गई, जबकि 100 से ज्यादा मजदूर घायल हो गए।

इस आंदोलन के तीन साल बाद साल 1889 में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की बैठक हुई। इस बैठक में तय किया गया कि हर मजदूर से सिर्फ 8 घंटे काम लिया जाएगा। इसी सम्मेलन में ही 1 मई को मजदूर दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही हर साल 1 मई को अवकाश देने का भी निर्णय लिया गया। अमेरिका में आठ घंटे काम करने वाले कर्मचारियों के नियमन के बाद ये नियम कई देशों में लागू किया गया।

भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत कब हुई?

भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1 मई 1923 को चेन्नई में हुई थी। ये फैसला लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान की अध्यक्षता में लिया गया। इस बैठक को कई संगठनों और सामाजिक दलों का समर्थन मिला, जिन्होंने मजदूरों पर हो रहे अत्याचार और शोषण के खिलाफ आवाज उठायी। मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए हर साल 1 मई को भारत में मजदूर दिवस मनाया जाता है। मजदूर दिवस भारत में भी एक सार्वजनिक अवकाश है, जहां इसे अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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