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ऐसे पौधों के कारण भी घर में आती है छिपकलियां, बरसात में बढ़ जाती है समस्या

बहुत से पौधे ऐसे होते हैं जिनपर काफी ज्यादा कीड़े-मकौड़े लगते हैं। इन पौधों पर आने वाले कीड़े-मकोड़ों की वजह से वहां पहुंचती हैं।

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कुछ खास तरह के पौधों के कारण भी घर में आ जाती हैं छिपकलियां

Plants that attract lizards (छिपकलियों को आकर्षित करने वाले पौधे): बरसात के मौसम में घरों में छिपकलियां ज्यादा दिखाई देने लगती हैं। इसके कई कारण हैं। इनमें से एक कुछ खास तरह के पौधे भी होते हैं। जी हां कुछ पौधों के कारण भी घर में छिपकलियां बढ़ जाती हैं। तो अगर आपके घर में भी छिपकलियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है तो एक नजर अपने घर के अंदर लगे पौधों पर भी डालें।

दरअसल बहुत से पौधे ऐसे होते हैं जिनपर काफी ज्यादा कीड़े-मकौड़े लगते हैं। इन पौधों पर आने वाले कीड़े-मकोड़ों की वजह से वहां पहुंचती हैं। इसलिए अगर घर में बार-बार छिपकलियां नजर आती हैं, तो अपने गार्डन या बालकनी के पौधों पर भी एक नजर डालना जरूरी है।

घने पत्तों वाले पौधे

बड़े पत्तों वाले मनी प्लांट और दूसरे घने पत्तों वाले पौधों मेंके आसपास मच्छर, मक्खियां और कीड़े आसानी से पनप जाते हैं। चूंकि यही कीड़े छिपकलियों का पसंदीदा भोजन हैं, इसलिए वे इन पौधों के आसपास ज्यादा दिखाई दे सकती हैं।

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फूलों वाले पौधे

गेंदा, गुड़हल, चमेली और दूसरे फूलों वाले पौधे मधुमक्खियों, तितलियों और कई तरह के कीड़ों को आकर्षित करते हैं। जहां कीड़े होंगे, वहां छिपकलियों के आने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसका मतलब यह नहीं कि फूलों वाले पौधे ना लगाएं। बस उनकी देखभाल अच्छे से करें।

ज्यादा नमी वाले पौधे

फर्न, पीस लिली और कुछ इनडोर पौधों को बार-बार पानी देना पड़ता है। अगर गमलों में पानी जमा रहता है या मिट्टी हमेशा गीली रहती है, तो वहां छोटे कीड़े और मच्छर पनप सकते हैं। यही छिपकलियों को भी अपनी ओर खींचते हैं।

छिपकलियों को दूर रखने के आसान उपाय

पौधों की नियमित छंटाई करें, ताकि उनमें जरूरत से ज्यादा घनापन न हो। गमलों में पानी जमा न होने दें और सूखे पत्तों को समय-समय पर हटा दें। पौधों पर कीड़े दिखें तो उसका उपाय करें। घर की दीवारों, खिड़कियों और बालकनी को साफ रखें, ताकि कीड़ों का जमाव कम हो। रात में अनावश्यक रोशनी कम रखें, क्योंकि तेज रोशनी कीड़ों को आकर्षित करती है और उनके पीछे छिपकलियां भी पहुंच जाती हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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