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Kada Prasad Recipe: बस 1 कप आटे से घर पर बनाएं गुरुद्वारे जैसा कड़ा प्रसाद, यहां से नोट करें कड़ा प्रसाद बनाने की आसान रेसिपी

Kada Prasad Recipe (कड़ा प्रसाद रेसिपी): गुरु नानक जयंती पर जब हम गुरुद्वारे जाते हैं तो सबसे पहले आशीर्वाद के रूप में कड़ा प्रसाद ही मिलता है। कड़ा प्रसाद को अगर आपने एक बार खा लिया तो आप इसके स्वाद को कभी भूल नहीं पाते हैं। ये स्वाद सिर्फ गुरुद्वारे के प्रसाद में ही मिलता है। लेकिन अब आप यहां से सीखकर इसे घर पर भी बना सकते हैं।

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गुरुद्वारे जैसा कड़ा प्रसाद रेसिपी (pic credit: canva)

Kada Prasad Recipe (कड़ा प्रसाद रेसिपी): आपने कभी न कभी कड़ा प्रसाद जरूर खाया होगा। गुरुद्वारे में मिलने वाला ये प्रसाद हर किसी का फेवरेट होता है। कड़ा प्रसाद भूलना आसान नहीं है। इसकी मिठास सारे गम भूला देती है और मन शांत हो जाता है। गुरु नानक जयंती पर जब आप गुरुद्वारे जाएंगे तो आपको कड़ा प्रसाद मिलेगा ही लेकिन अब आप चाहें तो इसे घर पर भी बना सकते हैं। यहां हम आपको कड़ा प्रसाद आसान तरीके से और कम सामान में घर पर ही बनाना सीखा रहे हैं। यहां कड़ा प्रसाद बानने की सामग्री के साथ इसे बनाने का तारीका भी दिया गया है।

कड़ा प्रसाद बनाने की सामग्री (Kada Prasad Recipe Ingredients)-

  • गेहूं का आटा - 1 कप
  • देसी घी - 1 कप
  • चीनी - 1 कप
  • पानी - 3 कप (चीनी से तीन गुना)

कड़ा प्रसाद बनाने की विधि (Kada Prasad Banane Ki Vidhi)-

सबसे पहले एक बर्तन में 3 कप पानी और 1 कप चीनी लें। इसे धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक चीनी पूरी तरह से घुल न जाए। हमें कोई तार वाली चाशनी नहीं बनानी है, बस चीनी को घोलना है। चीनी घुलने के बाद, इस घोल को गरमा-गरम रखने के लिए आंच से उतारकर अलग रख लें। एक भारी तले वाली कड़ाही में 1 कप देसी घी गरम करें। जब घी पिघल जाए, तो उसमें 1 कप गेहूं का आटा डालें। आंच को मध्यम से धीमा रखें और आटे को लगातार चलाते रहें। आटे को तब तक भूनें जब तक उसका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए और उसमें से धीमी, भीनी खुशबू न आने लगे। इसमें लगभग 10-15 मिनट लग सकते हैं। जब आटा अच्छी तरह से भुन जाता है, तो वह थोड़ा दरदरा दिखने लगता है और घी को छोड़ना शुरू कर देता है। भुने हुए आटे में, धीरे-धीरे चीनी वाला गरम पानी डालें। पानी डालते ही मिश्रण उबलने लगेगा, इसलिए तुरंत तेजी से चलाएं ताकि गांठें न बनें। तेज आंच पर तब तक चलाते रहें जब तक हलवा सारा पानी सोख न ले और गाढ़ा न हो जाए। जब हलवा कड़ाही के किनारों को छोड़ने लगे और घी वापस ऊपर दिखने लगे, तो समझ लें कि आपका कड़ा प्रसाद तैयार है। बस फिर गैस बंद कर दें। बता दें, इस प्रसाद को बनाने में किसी ड्राई फ्रूट्स या इलायची का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इसका शुद्ध स्वाद ही इसे खास बनाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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