Jallianwala Bagh Massacre Day 2025 Wishes, Quotes, Shayari, Images: जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक बेहद क्रूर और दुखद अध्याय है। यह घटना 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन अमृतसर के जलियांवाला बाग में घटी, जब ब्रिटिश जनरल डायर ने वहां मौजूद हजारों निहत्थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बिना चेतावनी दिए गोली चलवा दी। यह सभा रौलेट एक्ट के विरोध में की जा रही थी, जिसमें लोगों को बिना मुकदमे के जेल भेजा जा सकता था। गोलियां करीब दस मिनट तक चलाई गईं, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। ब्रिटिश सरकार ने जहां 379 मौतों की बात मानी, वहीं असल आंकड़ा इससे कहीं अधिक था। इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया और स्वतंत्रता की लड़ाई को और अधिक तीव्र बना दिया। जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय जनता के आत्मबल, बलिदान और स्वतंत्रता के प्रति अटूट संकल्प का प्रतीक बन गया। आज इस दिन अगर आप अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो यहां से मदद ले सकते हैं। यहां शहीदों को नमन करती शायरी, कोट्स और मैसेज हैं, जिन्हें आप अपने दोस्तों को भेज सकते हैं।
Jallianwala Bagh Massacre Day 2025 Quotes, Wishes, Messages, Shayari in Hindi-
1) चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें,
शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर लें,
जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पे,
देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें...
शहीदों को नमन
2) रो उठीं बाग की दीवारें हर दिशा ख़ौफ़ से डोली थी।
ज़ालिम डायर ने जब खेली ख़ूँख़ार खून की होली थी।
गुमनाम शहीदों की गणना ख़ुद मौत न कर पाई होगी।
निष्ठुरता भी चीखी होगी, निर्ममता चिल्लाई होगी॥
3) मैं जला हुआ राख नहीं, अमर दीप हूं,
जो मिट गया वतन पर, मैं वो शहीद हूं।
शहीदों को नमन
Jallianwala Bagh Massacre Day Status In Hindi-
4) किसी – किसी किस्से में आता है,
शहादत, नसीब वालों के हिस्से में आता है।
शहीदों को नमन
5) कभी वतन के लिए सोच के देख लेना
कभी माँ के चरण चूम के देख लेना
कितना मजा आता है मरने में यारो
कभी मुल्क के लिए मर के देख लेना
शहीदों को नमन
6) वतन वालो वतन ना बेच देना,
ये धरती ये चमन ना बेच देना,
शहीदों ने जान दी है वतन के वास्ते,
शहीदों के कफन ना बेच देना..
शहीदों को नमन
Jallianwala Bagh Massacre Day 2025 Messages In Hindi -
7) शहादत की ख़ुशी ऐसी है मुश्ताक़-ए-शहादत को,
कभी ख़ंजर से मिलता है कभी क़ातिल से मिलता है।
8) कभी वह दिन भी आयेगा जब अपना राज देखेंगे,
जब अपनी ही जमीं होगी जब अपना आसमां होगा।
9) शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।
10) न इंतिज़ार करो इनका ऐ अज़ा-दारो,
शहीद जाते हैं जन्नत को घर नहीं आते।
11) अपनी आज़ादी को हम हरगिज भुला नहीं सकते,
सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं,
देश के शहीदों को शत् शत् नमन।
भारत माता की जय।
शहीदों को नमन
