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Gen Z बनने के चक्कर में फंसे जैकी भगनानी, पत्नी संग Situationship कमेंट पर ट्रोल, क्या शादी में ऐसा हो सकता है

Jackky Bhagnani के सिचुएशनशिप वाले बयान ने शादी और रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जानिए सिचुएशनशिप क्या होता है और क्यों यह शब्द शादी जैसे कमिटेड रिश्ते के लिए सही नहीं माना जाता।

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Jacky Bhagnani Rakul Preet - Situationship in Marriage

हाल ही में Jacky Bhagnani का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी Rakul Preet Singh के साथ रिश्ते को Situationship कह दिया। इस एक शब्द ने ही लोगों के बीच बहस छेड़ दी। जहां Gen Z टर्म्स और मॉडर्न रिलेशनशिप कॉन्सेप्ट्स को लेकर आजकल खुलापन बढ़ा है, वहीं शादी जैसी ट्रेडिशनल फाउंडेशन में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कई लोगों को अजीब और असंगत लगा।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या शादी को Situationship कहना सही है? क्या यह शब्द उस कमिटमेंट और जिम्मेदारी को कम करके दिखाता है, जो शादी जैसे रिश्ते में सबसे ज्यादा जरूरी होती है? यहां देखें कि आखिर सिचुएशनशिप होती क्या है, वहीं शादी जैसे रिश्ते के लिए इस तरह के शब्द का प्रयोग क्यों गलत है।

Jacky Bhagnani And Rakul Preet

Jacky Bhagnani And Rakul Preet

क्या होता है Situationship

Situationship एक ऐसा रिलेशन होता है जिसमें दो लोग एक-दूसरे के करीब होते हैं। लेकिन उन दो लोगों के बीच में कोई साफ कमिटमेंट, लेबल या भविष्य की स्पष्ट दिशा नहीं होती। यह दोस्ती और रिलेशनशिप के बीच की एक अनिश्चित स्थिति होती है। जहां इमोशनल कनेक्शन तो होता है, पर जिम्मेदारी और परिभाषा नहीं होती।

शादी और Situationship में क्या फर्क है?

1. कमिटमेंट बनाम कन्फ्यूजन

शादी एक स्पष्ट और सामाजिक रूप से मान्य रिश्ता है, जिसमें दोनों पार्टनर्स एक-दूसरे के प्रति कमिटेड होते हैं। वहीं सिचुएशनशिप में यह स्पष्टता नहीं होती।

2. जिम्मेदारी का पहलू

विवाह में भावनात्मक, सामाजिक और कभी-कभी कानूनी जिम्मेदारियां भी शामिल होती हैं। सिचुएशनशिप में यह जिम्मेदारियां तय नहीं होतीं।

3. भविष्य की स्पष्टता

शादी में भविष्य की प्लानिंग जैसे परिवार, करियर बैलेंस आदि स्पष्ट होती है, जबकि सिचुएशनशिप में भविष्य अनिश्चित रहता है।

क्यों नहीं फिट बैठता यह शब्द शादी में?

सिचुएशनशिप शब्द अस्थिरता और अनिश्चितता को दर्शाता है, जबकि शादी स्थिरता, भरोसा और लंबे साथ का प्रतीक है। शादी को इस तरह के शब्द से जोड़ना कई लोगों को इसलिए गलत लगता है, क्योंकि यह रिश्ते की गंभीरता को हल्का कर देता है।

क्या बदल रही है रिलेशनशिप की परिभाषा?

आज की पीढ़ी रिश्तों को ज्यादा फ्लेक्सिबल और व्यक्तिगत नजरिए से देखती है। ऐसे में नए शब्द और कॉन्सेप्ट सामने आ रहे हैं। लेकिन हर कॉन्सेप्ट हर रिश्ते पर लागू नहीं होता, खासकर शादी जैसे पारंपरिक और गहरे रिश्ते पर।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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