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रोज शैम्पू करना चाहिए या नहीं ? बालों से करते हैं प्यार तो आज ही जान लीजिए क्या है सही

Using shampoo everyday Good Or Bad: बालों को सही तरीके से क्लीन करने के लिए शैम्पू करना काफी जरूरी हो सकता है। हालांकि रोज रोज बाल धोने से बाल की सेहत पर फर्क पड़ सकता है। ऐसे में यहां देखें कि आखिर रोज शैम्पू करना कितना सही है और कितना गलत।

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रोज Shampoo करना चाहिए या नहीं

Using shampoo everyday Good Or Bad (रोज शैंपू करना चाहिए या नहीं): अच्छे हेल्दी और घने बालों के लिए अच्छा हेयर केयर रूटीन फॉलो करना भी बहुत जरूरी है। जिसमें बालों की क्लीनिंग के लिए खास समय समय पर शैंपू से बाल धोना अनिवार्य है। अब ऐसे में कई लोग रोज रोज शैंपू से बाल धोते हैं, हालांकि कई लोगों का मानना है कि रोज रोज बाल धोना अच्छा नहीं होता है। हालांकि कई लोगों की राय इतर भी है, ऐसे में यहां देखें कि आखिर रोज शैंपू करना कितना सही है और कितना गलत।

रोज शैंपू करने के फायदे

कुछ त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों की स्कैल्प ऑयली है या वे प्रदूषण भरे इलाकों में रहते हैं, उनके लिए रोज़ाना हल्के नेचर वाले शैंपू का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। वहीं अगर आपके बाल जल्दी चिपचिपे हो जाते हैं, तो माइल्ड शैंपू से दिन में एक बार धोना ठीक है, लेकिन केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स से बचना ही चाहिए।

रोज शैंपू करने के नुकसान

हालांकि इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि, बार-बार शैंपू करने से बालों का नैचुरल ऑयल (सीबम) निकल जाता है, जिससे बाल रूखे और बेजान हो सकते हैं। ज्यादातर लोगों को हफ्ते में 2-3 बार ही शैंपू करना चाहिए। रोज़ाना शैंपू करने से स्कैल्प ड्राई हो सकता है और डैंड्रफ की समस्या बढ़ सकती है।

ऐसे में ये समझना जरूरी है कि, आपको अपने बालों का टाइप पता होना चाहिए। और उसी प्रकार अपने बालों की केयर करनी चाहिए। अगर आपको रोज़ शैंपू करने की आदत है, तो कोमल और प्राकृतिक तत्वों वाले शैंपू का चुनाव करें, मगर फिर भी ज्यादा शैंपू करने से बचें। वरना, बालों का नेचुरल तेल बनाए रखने के लिए कम बार धोना बेहतर हो सकता है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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