वर्कलोड से कैसे बचाएं शादी (Photo: iStock)
आज की भागदौड़ भरी लाइफ में काम का बोझ रिश्तों पर भारी पड़ रहा है। कई तरह के सर्वे में पता चला है कि भारत में 40% से ज्यादा कामकाजी लोग मानते हैं कि ऑफिस वर्कलोड के कारण उनकी शादीशुदा जिंदगी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। काम के बोझ के कारण लोग तनाव और चिड़चिड़ेपन के शिकार हो रहे हैं जिसका असर उनके रिश्तों पर साफ दिख रहा है। लेकिन क्या इस समस्या का कोई हल है? इस सवाल का जवाब है - हां। जरूरत है सही मैनेजमेंट से काम और रिश्ते में बैलेंस बनाने की। यहां कुछ उपाय हैं जिन्हे आजमा कर आप वर्कलोड के कारण रिश्तों की बलि चढ़ने से बचा सकते हैं:
1. ऑफिस का तनाव ऑफिस में छोड़ें
जब घर पहुंचे काम का तनाव दफ्तर ही छोड़ कर आएं। ऑफिस का काम घर पर न लाएं। शाम के बाद फोन साइलेंट मोड पर रख दें। कोशिश करें कि घर पर रहें तो पूरी तरह से घर पर ही रहें।
2. टाइम मैनेज करें
काम के बाद जब पत्नी से मिलें तो कोशिश करें कि उनके साथ कम से कम घंटे भर का क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। उनके साथ चाय पियें। दिनभर की अच्छी बातें शेयर करें। उनका दिन कैसा बीता इस पर बात करें। इससे रिश्तों की ताजगी बनी रहती है।
3. काम बांटे
अगर पति-पत्नी दोनों कामकाजी हैं घर के काम का बंटवारा जरूरी है। ऐसा करने से किसी एक पर दबाव नहीं आएगा। ये चीज आपसी समझ को बढ़ाने में मददगार साबित होती है।
4. प्लान करें वीकेंड
मैरिड लाइफ को जवां बनाए रखने के लिए वीकेंड प्लानिंग जरूरी है। इससे रिश्ते में रोमांस बरकरार रहेगा। वीकेंड पर छोटी सी ट्रिप या डिनर डेट आपके वर्कलोड के तनाव को भी दूर करेगी और रिश्ते में मिठास भी भरेगी।
5. बैठकर बात करें
अगर वर्कलोड ज्यादा है तो इस बाबत अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। उन्हें अपनी स्थिति समझाएं। वो आपकी परेशानी जरूर समझेंगे और सपोर्ट करेंगे। तनाव कम करने के लिए योग या मेडिटेशन साथ करें।
हमेशा याद रखें कि काम जिंदगी का हिस्सा है, लेकिन रिश्ते जिंदगी हैं। काम तो जरूरी है ही लेकिन रिश्तों की शर्त पर काम नहीं किया जाता है। अगर वर्कलोड ज्यादा है तो उसे समझदारी से मैनेज करें और अपने रिश्तों की मिठास बरकरार रखें
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। लाइफस्टाइल (Lifestyle News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।