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बात-बात पर हाथ उठाता है बच्चा? इन 5 आसान तरीकों से छुड़ाएं मारने-पीटने की आदत

Parenting Tips: अगर आपका बच्चा भी बात-बात पर हाथ उठाता है, तो इन प्रभावी तरीकों से आप उसकी इस आदत को बदल सकते हैं।

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बच्चों के मारपीट करने की आदत कैसे छुड़ाएं (Photo: AI Image)

How to Control Child's Hitting Habit: बहुत से बच्चे ऐसे होते हैं जो बात-बात में हाथ छोड़ देते हैं। छोटे बच्चों की मारने-पीटने की ये आदत पेरेंट्स के लिए चिंता का विषय बन जाती है। पेरेंटिंग (Parenting) एक्सपर्ट्स बताते हैं भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त न कर पाने के कारण बच्चे हाथ-पैर चलाते हैं। यही कारण है कि बच्चे जब गुस्सा, निराशा या ध्यान पाने की इच्छा महसूस करते हैं, तो वे इसे मारने या धक्का देने के रूप में व्यक्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं बतौर पेरेंट्स बच्चों के मारपीट करने की आदत को कैसे छुड़ाएं:

बच्चे की भावनाओं को समझें

जब बच्चा किसी को मारता है, तो तुरंत डांटने या सजा देने के बजाय उससे शांत होकर बात करें। उसे बताएं कि मारना गलत है और इसके बजाय वह अपनी बात शब्दों में कह सकता है। इससे बच्चे को सही और गलत का फर्क धीरे-धीरे समझ में आने लगता है।

पेरेंट्स खुद बनें उदाहरण

अगर घर में गुस्से में चिल्लाना या हाथ उठाना आम बात है, तो बच्चा भी वही सीखेगा। इसलिए घर का माहौल शांत और सकारात्मक रखना बहुत जरूरी है।

बच्चे तो प्रोत्साहित करें

जब बच्चा अच्छा व्यवहार करे, तो उसकी तारीफ जरूर करें। जैसे अगर वह गुस्से में भी खुद को कंट्रोल करता है, तो उसे सराहें। इससे उसे समझ आता है कि अच्छा व्यवहार करने पर उसे ध्यान और प्यार मिलता है।

एंगर मैनेजमेंट सिखाएं

बच्चे को गुस्से पर काबू पाना सिखाएं। जैसे- गहरी सांस लेना, थोड़ी देर शांत बैठना या अपने पसंदीदा खिलौने के साथ खेलना। इससे वह धीरे-धीरे अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना सीखता है।

सहानुभूति सिखाएं

बच्चे को यह समझाना जरूरी है कि उसके मारने से दूसरे को तकलीफ होती है। जिस बच्चे को चोट लगी है, उसकी देखभाल पर ज्यादा ध्यान दें। अपने बच्चे से कहें - देखो, तुम्हारे दोस्त को दर्द हो रहा है और वह रो रहा है। इससे बच्चे के मन में सहानुभूति पैदा होगी।

टाइम-आउट अपनाएं

जब बच्चा मारे, तो उसे डांटने या वापस मारने के बजाय शांत रहें। अगर आप चिल्लाएंगे, तो बच्चा सोचेगा कि गुस्सा होने पर चिल्लाना सही है। बच्चे का हाथ धीरे से पकड़ें और आंखों में आंखें डालकर दृढ़ता से कहें - नहीं, मारना गलत है। इससे दर्द होता है। उसे उस जगह से थोड़ी देर के लिए हटा दें।। इससे वह समझ पाता है कि उसके व्यवहार के परिणाम होते हैं।

पेरेंट्स हमेशा ध्यान रखें कि बच्चे की मारने की आदत को छुड़ाने में समय और धैर्य की जरूरत होती है। लगातार प्यार और सही दिशा-निर्देश के जरिए आप उसे एक अनुशासित और संवेदनशील इंसान बना सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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