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गुड टच और बैड टच क्या है, बच्चों को कैसे सिखाएं Good Touch Bad Touch में अंतर

Good Touch Bad Touch: पेरेंट्स को समझना होगा कि गुड टच-बैड टच सिखाना बच्चों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। सही उम्र में सही तरीके से समझाने से बच्चा सतर्क, आत्मविश्वासी और सुरक्षित रहता है।

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बच्चों को गुड टच और बैड टच में अंतर सिखाने के आसान तरीके (Photo: iStock)

Good Touch Bad Touch: आजकल छोटे बच्चों की सुरक्षा एक बहुत बड़ी चिंता बन गई है। हर मां-बाप की सबसे पहली चिंता बच्चों की सुरक्षा ही होती है। पेरेंट्स अपनी तरफ से हर संभव कोशिश भी करते हैं। इन कोशिशों में बच्चों को गुड टच और बैड टच की ट्रेनिंग देना भी जरूर शामिल करें। बच्चों को गुड टच औऱ बैड टच के बारे में प्यार से और खेल-खेल में बताएं। इस तरह की ट्रेनिंग बच्चों को सुरक्षित रहने के लिए बहुत जरूरी है।

गुड टच और बैड टच क्या है? (What is Bad Touch and Good Touch)

गुड टच वे स्पर्श हैं जो प्यार, देखभाल और सुरक्षा देते हैं। जैसे:

-मम्मी-पापा का गले लगाना या सिर पर हाथ फेरना

-दादी-नानी का प्यार भरा स्पर्श

-डॉक्टर द्वारा जांच करना

बैड टच वे स्पर्श हैं जो बच्चे को असहज, डरा हुआ या शर्मिंदा करते हैं। जैसे:

-प्राइवेट पार्ट्स (स्विमिंग सूट से ढके हिस्से) को छूना

-जबरदस्ती चूमना या गले लगाना

-ऐसी जगह छूना जहां बच्चा नहीं चाहता

बच्चों को कैसे सिखाएं गुड टच और बैड टच में अंतर (Photo: iStock)

बच्चों को कैसे सिखाएं गुड टच और बैड टच में अंतर (Photo: iStock)

बच्चों को कैसे सिखाएं गुड टच बैड टच (How to teach Good Touch Bad touch to Kids)

1. स्विमिंग सूट नियम बताएं

सबसे आसान और प्रभावी तरीका है स्विमिंग सूट रूल। बच्चों को बताएं कि जो हिस्सा स्विमिंग सूट ढकता है, उसे कोई भी छू नहीं सकता। बच्चों को यह बात आसानी से समझ आ जाती है।

2. सही नामों का इस्तेमाल करें

प्राइवेट पार्ट्स के सही नाम (पेनिस, वैजाइना, ब्रेस्ट) बताएं। प्यारा नाम देने से बच्चे गंभीरता नहीं समझ पाते। उन्हें साफ बताएं कि कोई अगर उनके प्राइवेट पार्ट्स को छूता है तो वह बैड टच है।

3. रोल प्ले के जरिए समझाएं

बच्चों के साथ रोल प्ले करें। अलग-अलग स्थितियों में दिखाएं कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं। बच्चे खेल-खेल में आसानी से सीख जाते हैं।

4. 'ना’ कहना सिखाएं

बच्चों को यह जरूर सिखाएं कि अगर कोई उन्हें गलत तरीके से छुए, तो वे जोर से “ना” कहें और वहां से तुरंत दूर हो जाएं। उन्हें यह भी समझाएं कि अपनी सुरक्षा के लिए बोलना गलत नहीं है।

5. भरोसेमंद लोगों की पहचान

बच्चों को बताएं कि अगर उन्हें कभी कुछ गलत लगे, तो वे तुरंत अपने माता-पिता, टीचर या किसी भरोसेमंद बड़े को बताएं। उन्हें यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि वे जो भी बताएंगे, उस पर विश्वास किया जाएगा।

6. सीक्रेट्स से सावधान करें

बच्चों को सिखाएं कि कोई भी “सीक्रेट टच” या ऐसी बात जिसे छुपाने को कहा जाए, गलत हो सकती है। उन्हें बताएं कि अच्छे सीक्रेट (जैसे सरप्राइज गिफ्ट) और बुरे सीक्रेट में फर्क होता है।

7. शरीर पर उनका अधिकार

बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि उनका शरीर उनका अपना है। कोई भी बिना उनकी अनुमति के उन्हें छू नहीं सकता, चाहे वह कोई जान-पहचान वाला ही क्यों न हो।

8. नियमित बातचीत करें

यह एक बार सिखाने का विषय नहीं है। समय-समय पर बच्चों से इस बारे में बात करते रहें, ताकि वे खुलकर अपनी बात कह सकें और किसी भी स्थिति में डरें नहीं।

पेरेंट्स को समझना होगा कि गुड टच-बैड टच सिखाना बच्चों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। सही उम्र में सही तरीके से समझाने से बच्चा सतर्क, आत्मविश्वासी और सुरक्षित रहता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंह author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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