Gita Jayanti Sanskrit Wishes (गीता जयंती विशेज इन संस्कृत): गीता जयंती का पर्व मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है, जिसे मोक्षदा एकादशी भी कहते हैं। गीता जयंती उस दिन को कहते हैं जब श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि पर अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। इस दिन गीता पाठ, गीता यज्ञ, प्रवचन, और आध्यात्मिक चर्चाओं का विशेष महत्व रहता है। यहां से आप गीता जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं संस्कृत में देख सकते हैं।
गीता जयंती विशेज इन संस्कृत
1. यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृज्याहम।।
गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।।
2. वासांसि जीर्णानि यथा विहाय,
नवानि गृह्णाति नोरोपणानि।
तथा शरीराणि विहाय जीर्णान्य,
न्यानि संयाति नवानि देहि।।
गीता जयंती की आप सभी को हार्दिक बधाई
3. कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
4. नास्ति बुद्धिरयुक्तस्य न चायुक्तस्य भावना।
न चाभावयत: शांतिरशांतस्य कुत: सुखम्।
गीता जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
5. दोषैरेतैः कुलघ्नानां वर्णसंकरकारकैः।
उत्साद्यन्ते जातिधर्माः कुलधर्माश्च शाश्वताः
6. गीता-जयंती शुभाशयाः! श्रीकृष्णकृपा भवतः जीवनं प्रकाशयतु।
7. गीता-जयंत्याः शुभे दिने धर्ममार्गेऽनुगच्छामः। शुभाशयाः!
8. गीता-ज्ञानामृतं भवतः मनसि शान्तिं प्रसादयतु। गीता-जयंती शुभमस्तु।
9. गीता-जयंत्याः शुभे दिने धर्ममार्गेऽनुगच्छामः। शुभाशयाः!
10. योगः कर्मसु कौशलम्—गीता-वचनैः जीवनं सफलताम् आगच्छतु। शुभ गीता-जयंती
11. श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञानं प्रकाशं च ददातु। गीता-जयंती शुभमस्तु।
12. गीता-सारं हृदि धारयेम। प्रेम, शान्ति, करुणा च प्रस्फुरन्तु। गीता-जयंती शुभाशयाः।
गीता जयंती के ये सुंदर और सरल संस्कृत शुभकामना संदेश आप इस पावन पर्व पर अपनों को भेज सकते हैं।
