Jharkhand Student Protest: सरकार से बातचीत और अधिकतर मांगों पर सहमति के बावजूद झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। इस बीच प्रदर्शनकारियों के 10 अगस्त को प्रस्तावित 'विधानसभा घेराव' मार्च को लेकर पुलिस-प्रशासन ने रांची में सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की संभावना को देखते हुए शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा इंतजामों को प्रभावी बनाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की है।
पुलिस ने की प्रदर्शन को लेकर ये तैयारियां
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। उन्होंने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अगर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करते हैं, तो किसी को अनावश्यक परेशानी नहीं दी जाएगी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिटी एसपी ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि वीडियो में जिस हथियार को कुछ लोग पैलेट गन समझ रहे हैं, वह वास्तव में पेंटबॉल गन है। इसका इस्तेमाल नरम और रंगीन गेंदों को फायर करने के लिए किया जाता है, जिससे उपद्रव या परेशानी पैदा करने वाले लोगों की पहचान की जा सके। उन्होंने कहा कि इसे पैलेट गन समझना सही नहीं है। पारस राणा ने यह भी कहा कि अगर किसी स्थिति में पैलेट गन जैसी किसी व्यवस्था की जरूरत पड़ती है, तो उसका इस्तेमाल सिर्फ आपातकालीन परिस्थितियों में ही किया जाएगा। पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी
वहीं, झारखंड सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) मनोज कौशिक ने भी जानकारी देते हुए बताया कि "प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को नुकसान न पहुंचे। ADG ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि अगर वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करना चाहते हैं, तो पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर स्थिति को संभालने के लिए तैयार है।
मनोज कौशिक ने जांच से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि मामले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। मनोज कौशिक ने कहा कि जांच के संबंध में नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। नोटिस जारी करना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और इसके जवाब में जो लोग सामने आएंगे, उनसे मामले से जुड़े तथ्यों को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों के बीच अब सभी की नजरें JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर हैं। पुलिस ने जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की बात कही है, वहीं हिंसा या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।
सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ता
बता दें कि छात्र इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की अपनी मांग पर रविवार को भी अड़े रहे, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच आज आयोजित छठे दौर की बातचीत भी एक तरह से बेनतीजा ही रही। अधिकारियों के जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग को छोड़कर प्रदर्शनकारियों की 98 फीसदी मांगें मान लेने का दावा करने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूर नहीं हो सका। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद कहा, "हमारी ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं, जिनमें 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द किया जाना भी शामिल है। हालांकि, जब तक सीबीआई जांच की हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, हम कोई समझौता नहीं करेंगे। हम 10 अगस्त को तय योजना के तहत झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।" वहीं झारखंड के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने 98 फीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन वह जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की सीबीआई जांच की मांग को मानने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट और शीर्ष अदालत की निगरानी में आयोजित की गई थी।
