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‘UCC समानता नहीं, मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश’, शाह के बयान पर ओवैसी का हमला

असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर पार्टी UCC की बात करती है, वहीं उसके कुछ राज्यों में ऐसे कानून बनाए गए हैं जिनसे समुदायों के बीच संपत्ति की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध जैसे प्रावधान सामने आए हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि कथित ‘लव जिहाद’ से जुड़े कानून भी खास तौर पर मुसलमानों और ईसाइयों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं।

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यूसीसी पर शाह ओवैसी आमने सामने।

गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर यूसीसी के जिन्न को पिटारे से बाहर निकाल दिया है। बीते दिन मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जबसे उन्होंने 2029 से पहले एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी लागू किए जाने का दावा किया है, उसके बाद से देश में एक नई बहस चालू हो गई है। भाजपा समर्थक संगठन और नेता जहां इसका समर्थन कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे लेकर केंद्र सरकार और गृहमंत्री शाह पर हमलावर है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया है। ओवैसी ने पूछा कि क्या भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल सहयोगी दलों की अपनी कोई स्वतंत्र राजनीतिक आवाज है या वे केवल ‘छोटी भाजपा’ बनकर रह गए हैं।

यूसीसी देश के लिए जरूरी नहीं

इस मुद्दे पर शुरू से ही विरोध में रहने वाले असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर एक पोस्ट कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस विधि आयोग , जिसे एनडीए सरकार ने नियुक्त किया था, उसने ही यह निष्कर्ष दिया है कि यूसीसी न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय है। इस दौरान उन्होंने भारत की बहुलता का जिक्र कर कहा कि देश की 'आत्मा' उसकी बहुलता है ऐसे में यहां एक समान नागरिक संहिता लागू करना गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने के बराबर होगा।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर पार्टी UCC की बात करती है, वहीं उसके कुछ राज्यों में ऐसे कानून बनाए गए हैं जिनसे समुदायों के बीच संपत्ति की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध जैसे प्रावधान सामने आए हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि कथित ‘लव जिहाद’ से जुड़े कानून भी खास तौर पर मुसलमानों और ईसाइयों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं।

‘UCC समानता के बारे में नहीं, मुसलमानों को निशाना बनाने के बारे में’

ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC का मुद्दा समानता से ज्यादा मुसलमानों को निशाना बनाने से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की ‘आत्मा’ उसकी बहुलता है और अलग-अलग समुदायों की धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं को ध्यान में रखना जरूरी है।

उन्होंने अमित शाह के पुराने बयानों को भी निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि 2019 में CAA-NRC को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के पीछे शाह के बयानों और उनके ‘कालक्रम’ की बड़ी भूमिका थी। ओवैसी ने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद यह स्पष्ट करना पड़ा था कि देश में NRC लागू नहीं किया जाएगा।

SIR को लेकर भी सरकार पर हमला

ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया ने अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति-जनजाति और प्रवासियों के सामने मुश्किलें खड़ी की हैं।

उन्होंने कहा कि अगर NRC लागू किया जाता है तो लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेजों के साथ सरकारी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। ओवैसी ने कहा कि ऐसे देश में जहां बड़ी संख्या में लोग सरकारी राशन पर निर्भर हैं, उनसे पुराने दस्तावेज जुटाकर नागरिकता साबित करने की उम्मीद करना उचित नहीं है।

शाह ने 2029 से पहले UCC लागू करने का जताया भरोसा

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकारें 2029 से पहले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू कर देंगी। शाह ने कहा कि कई राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है और उन्हें विश्वास है कि भाजपा-NDA शासित 21 राज्यों में भी इसे 2029 से पहले लागू किया जाएगा। वहीं, मणिपुर में NRC लागू करने के सवाल पर शाह ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर राज्य में अपने सहयोगियों और राजनीतिक दलों से बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसकी जानकारी दी जाएगी।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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