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Explained: क्या ठीक नहीं है शादी से पहले लिव इन में रहना? इससे कम हो सकते हैं तलाक या बढ़ेगी परेशानी? जीनत अमान के बयान ने फिर से भड़का दिया है मुद्दा

Live In Relationship: जीनत अमान (Zeenat Aman) ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर ऐसा कुछ कह दिया कि उनकी दोस्त और कोस्टार रहीं अभिनेत्री मुमताज (Mumtaz) भड़क गईं और उनके निजी रिश्ते पर सवाल उठा दिये। जीनत (Zeenat vs Mumtaz) के बयान ने सोशल मीडिया में भी एक बार फिर से लिव इन रिलेशनशिप का मुद्दा भड़का दिया है।

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Live In Relationship: लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भारत में कई बार कई तरह की बातें कही गई हैं। अब तो इस रिश्ते को कानूनी मान्यता भी है। हाल ही में अपने जमाने की मशहूर अदाकारा जीनत अमान ने लिव इन को लेकर ऐसा कुछ कह दिया कि उनकी दोस्त और कोस्टार रहीं अभिनेत्री मुमताज भड़क गईं और उनके निजी रिश्ते पर सवाल उठा दिये। जीनत के बयान ने सोशल मीडिया में भी एक बार फिर से लिव इन रिलेशनशिप का मुद्दा भड़का दिया है।

Live In Relationship पर क्या बोलीं जीनत अमान

जीनत अमान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में लिखा- अगर आप किसी रिश्ते में हैं, तो मैं ये सुझाव दूंगी कि शादी से पहले साथ रहिए। ये सलाह मैंने हमेशा अपने बेटों को भी दी और वे दोनों या तो लिव-इन में रहे, या रह रहे हैं। यह तर्कसंगत है कि दो लोग अपने परिवारों को शामिल करने से पहले खुद अपने रिश्ते का इम्तिहान लें। एक दिन में कुछ घंटों के लिए कोई शख्स बहुत अच्छे से रह सकता है लेकिन क्या दो लोग एक बाथरूम का इस्तेमाल कर सकते हैं? क्या एक-दूसरे के खराब मूड को झेल सकते हैं? एक जैसा खाना खाने पर सहमत हो सकते हैं? मैं जानती हूं कि भारतीय समाज लिव-इन को लेकर थोड़ा उखड़ा रहता है लेकिन फिर वही बात है कि समाज तो बहुत सी बातों से नाराज़ रहता है। लोग क्या कहेंगे?
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जीनत अमान (सोर्स - इंस्टाग्राम)

जीनत की बात पर मुमताज का बयान

मुमताज जीनत के साथ फिल्म हरे राम हरे कृष्ण में काम कर चुकी हैं। दोनों एक जमाने में इंडस्ट्री की सुपरस्टार अभिनेत्री रही हैं। मुमताज ने हमसे बात करते हुए कहा कि, 'ज़ीनत को सलाह देने से पहले सोचना चाहिए।वह अचानक से सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं और मैं एक 'कूल आंटी' जैसा दिखने की उनके इस उत्साह को समझ सकती हूं। लेकिन हमारे नैतिक मूल्यों के उलट सलाह देना अपनी फॉलोइंग बढ़ाने का ज़रिया नहीं हो सकता। वह मज़हर ख़ान को शादी से कई साल पहले ही जानती थी। उनकी शादी किसी नर्क की तरह थी। उन्हें रिश्तों पर सलाह देने वाला आखिरी इंसान होना चाहिए।'

क्या होता है लिव इन रिलेशनशिप

भारतीय कानून में लिव-इन रिलेशनशिप कहीं अलग से परिभाषित नहीं किया गया है। आसान भाषा में इसे दो व्यस्कों का अपनी मर्जी से बिना शादी किए एक छत के नीचे साथ रहना कह सकते हैं। वैसे लिव-इन रिलेशनशिप की जड़ कानूनी तौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 में मौजूद है। अपनी मर्जी से शादी करने या किसी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने की आजादी के अधिकार को अनुच्छेद 21 से अलग नहीं माना जा सकता। कई कपल इसलिए लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं, ताकि यह तय कर सकें कि दोनों शादी करने जितना कंपैटिबल हैं या नहीं। कुछ इसलिए रहते हैं क्योंकि उन्हें पारंपरिक विवाह व्यवस्था कोई दिलचस्पी नहीं होती है।

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Source: Istock

लिव इन रिलेशनशिप में कपल बिना शादी के पति पत्नी की तरह रहते हैं। कुछ कपल्स तो लिव इन में बच्चे भी पैदा कर लेते हैं। फिल्म अभिनेता अर्जुन रामपाल समेत कई एक्टर्स लिव इन में रहते हुए पेरेंट्स बने हैं। लिव इन रिलेशनशिप वेस्टर्न कंट्रीज में तो आम बात है, लेकिन भारत में अभी इसे लंबा रास्ता तय करना है। भारतीय समाज की नजर में ये रिश्ता अनैतिक है। भले समाज ने इस रिश्ते को मंजूरी नहीं दी है लेकिन अपने घरों से दूर महानगरों में रहने वाले युवा कामकाजी जोड़ों में लिव इन को लेकर सार्थकता दिख रही है। इस व्यवस्था में दोनों ही कमाते व अपनी-अपनी इनकम का स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल करते हैं। कुछ कपल्स कई साल लिव इन में रहने के बाद शादी कर लेते हैं तो तमाम जोड़े अलग भी हो जाते हैं।

लिव इन को लेकर क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट

1978 में बद्री प्रसाद बनाम डायरेक्टर ऑफ कंसोलिडेशन के केस में सुप्रीम कोर्ट ने 50 साल के लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने उस मामले का फैसला सुनाते हुए कहा था कि अगर कोई कपल लंबे समय से साथ रह रहा है, तो उस रिश्ते को शादी ही माना जाएगा। कोर्ट ने माना था कि दो वयस्कों के बीच सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप किसी भारतीय कानून का उल्लंघन नहीं है। लिव इन को लेकर सुप्रीम कोर्ट कहता है कि हमारा समाज भले इसे अनैतिक मानता हो, मगर कानून के हिसाब से न तो ये गैर-कानूनी है और न ही अपराध है।

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Source: PTI

लिव इन रिलेशनशिप के फायदे

रिलेशनशिप कोच और प्रिडिक्शन्स फॉर सक्सेस के फाउंडर विशाल भारद्वाज कहते हैं कि लिव इन में रहने कुछ फायदे तो हैं। इससे दो लोग एक दूसरे को आपस में समझ सकते हैं। उन्हें ये फैसला करने में आसानी होती है कि जीवन भर वो एक दूसरे के साथ रह सकते हैं या नहीं। लिव इन में रहने के दौरान पार्टनर्स में आर्थिक जिम्मेदारी संभालने की भी समझ डेवलप होती है। लिव इन में रहने के दौरान जो लोगों के बीच भावनात्मक, मानसिक और यौन समझ बढ़ती है।

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Source: YashRaj Films

लिव इन रिलेशनशिप के नुकसान

पिछले कुछ सालों के मीडिया रिपोर्ट्स देखें तो लिव इन रिलेशनशिप में अपराध काफी बढ़े हैं। दरअसल लिव इन रिलेशनशिप में पार्टनर्स के बीच उनके रिश्ते को लेकर एक अलग किस्म की इनसिक्योरिटी हमेशा बनी रहती है। उन्हें डर रहता है कि ये रिश्ता चलेगा या नहीं? एक समस्या ये भी है कि कई बार एक पार्टनर कमिटमेंट के लिए तैयार हो जाता है लेकिन दूसरा नहीं। तीसरा किसी कारण से जब आप लिव इन से बाहर निकलते हैं तो आपको महसूस होता है कि आपने इस रिलेशनशिप में इमोशनली काफी इन्वेस्ट किया लेकिन अंत में आपके हाथ खाली रहे। ये सब इस रिश्ते के कुछ ऐसे पहलू हैं जो इंसान के डिप्रेशन और स्ट्रेस का कारण बन जाते हैं। यही तनाव अपराध की शक्ल में सामने आते हैं। कुछ तनाव में अपना तो कुछ अपने पार्टनर का नुकसान कर बैठते हैं।

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Source: iStock

क्या शादी से पहले लिव इन में रहने से नहीं होता है तलाक?

अगर कोई ये मानता है कि लिव इन में रहकर हम अपने पार्टनर को समझ सकते हैं। हमें लगता है समझने के बाद अगर हम शादी का फैसला करेंगे तो हमारा रिश्ता हमेशा चलता रहेगा। ऐसा पूरी तरह से सच नहीं है। कई मामले ऐसे देखे गए हैं जब कपल्स ने लिव इन में रहने के बाद शादी रचाई लेकिन शादी के कुछ समय बाद दोनों का तलाक हो गया। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स कहते हैं लिव-इन रिलेशन ना ही सफल शादी की गारंटी देता है और ना ही भविष्य की चुनौतियों को रोकता है। हर रिश्ता अनोखा है और रिश्ते को कायम रखने के लिए प्यार, विश्वास, आपस में दोस्ती जरूरी होती है, फिर चाहे कपल शादी के रिश्ते में रहें या लिव-इन रिलेशन में रहें।

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...और अंत में

लिव-इन रिलेशन में रहना है या नहीं सबका अपना फैसला है। इसके लिए उन्हें किसी के सलाह या नसीहत की कोई जरूरत नहीं है। बस जरूरत है तो इस रिश्ते के फायदे और नुकसान के सही तरह से मूल्यांकन करने की। माना जाता है कि वयस्क अपना अच्छा भला सोच सकते हैं, तो वो सारी चीजों को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह के रिलेशनशिप में कदम रखें तो उनके लिए बेहतर है।

Suneet Singh
सुनीत सिंह author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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