लाइफस्टाइल

Influencers Lifestyle: कितनी सच्ची है सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की ऑनस्क्रीन लाइफ? कैसे बना ये नया करियर ऑप्शन? कितनी होती है महीने की कमाई?

Influencers Lifestyle: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर, पिछले कुछ सालों में ये एक नया शब्द हमारे शब्दकोश में जुड़ा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब का इस्तेमाल करने वालों को तो फिर भी इस शब्द का मतलब समझ आता है, लेकिन आज भी एक वर्ग ऐसा है जिसे इस शब्द की बिल्कुल भी जानकारी नहीं है। आज के दौर में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर नया करियर ऑप्शन बन चुका है। आइये जानते हैं कि इनकी जिंदगी कैसी होती है। क्या इंफ्लुएंसर अपना वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन कर पाते हैं? साथ ही जानेंगे इनकी कमाई का जरिया और लग्जरी लाइफस्टाइल की सीक्रेट।

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Reality Of Social Media Influencers In Hindi

Influencers Lifestyle, Expectation Vs Reality: सोशल मीडिया पर इन दिनों भतेरे इंफ्लुएंसर्स मौजूद हैं। इनकी लग्जरी लाइफस्टाइल, ट्रिप्स, डाइट, वर्कआउट रूटीन, फैशन सेंस.. और भी न जाने कितनी ही चीजें आज के युवा को इंफ्लूएंस करती हैं। इसका सीधा मतलब है कि लोग इन्हें देखते हैं और इनके जैसा ही बनना चाहते हैं। लेकिन क्या ऑनस्क्रीन दिखने वाली हर चीज असल में पूरी वैसी ही होती है? पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर एक करियर ऑप्शन की तरह उभरकर सामने आया है, लेकिन क्या वाकई इससे इतनी कमाई होती है? क्या सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अपना वर्क लाइफ बैलेंस कर पाते हैं? आइये इन सभी सवालों के जवाब यहां देते हैं और साथ ही सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को जरा करीब से जानते हैं, समझते हैं।

क्या है सोशल मीडिया का सच?

सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स का सीधा सा फंडा यह है कि 'जितने ज्यादा फॉलोअर, उतनी ज्यादा कमाई' और इसके लिए वह कई तरह के झूठ भी लोगों के सामने पेश करते हैं जिसे आम जनता सच मान लेती है। अब हर महीने पांच हजार रुपये पाने वाले भी इंफ्लुएंसर हैं और पांच लाख या इससे अधिक कमाने वाले भी। लोगों को लगता है कि हर इंफ्लूएंसर की लाइफ बहुत अच्छी होती है और उन्हें बहुत लग्जरी में रहने की आदत होती है पर असल में ऐसा नहीं है। इनकी जिंदगी पूरी वैसी नहीं होती है जो आपको ऑन स्क्रीन नजर आती है।

क्या सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है नया करियर ऑप्शन?

किसी भी जॉब में काम करने का रूटीन फिक्स होता है, लेकिन जब बात सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की होती है तो उन्हें अपने काम की सीमा खुद तय करनी पड़ती है। सोशल मीडिया का काम फोन या लैपटॉप के जरिए किया जाता है, ऐसे में आपको अपनी लिमिट खुद तय करनी होगी। इतना ही नहीं, बाकि जॉब्स की तरह सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की कोई फिक्स इनकम नहीं होती है। ये ब्रैंड प्रमोशन पर निर्भर रहते हैं। इसलिए अगर आप सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बनने की सोच भी रहे हैं तो साथ में एक नौकरी भी करें, जिससे आपका अपना खर्च आसानी से निकल सके।

कैसे कमाते हैं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर?

वैसे तो सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के पास कमाई के कई सारे साधन हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे एप्स भी इन्हें कॉन्टेंट बनाने के पैसे देते हैं। साथ ही ब्रैंड प्रमोशन से ये कमाई करते हैं। इसके अलावा कई सारे इंफ्लुएंसर अपना खुद का ब्रांड भी बनाते हैं, इनकी इनकम होती है।

एक तरफ जहां आम जनता सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर्स की लाइफ से प्रेरित होकर खुद को बदल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर सरकार इनकी मदद से लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है। लोगों को यह समझना बेहद जरूरी है कि जो चीजें वह सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर्स से जुड़ी हुई देखते हैं वह पूरी तरह से सच नहीं होती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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