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Bakrid 2023 Date: आज बकरीद का त्योहार, नोट करें दिल्ली, हैदरबादार, लखनऊ में नमाज का समय, भेजें ईद की मुबारकबाद

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jun 29, 2023, 06:30 AM IST

Bakrid 2023 Date in India, Eid-Al-Adha Kab Ki Hai: इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, इस साल बकरीद का त्योहार कब मनाया जाएगा? जानिए बकरीद पर क्यों दी जाती है कुर्बानी।

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Bakrid 2023 Date in India Live Updates

Bakrid 2023 Date in India: मीठी ईद यानी ईद उल फितर के 70 दिन के बाद बकरीद यानि ईद-उल-अजहा का त्यौहार मुस्लिम धर्म के लोग मनाते है। ईद उल ज़ुहा भारत और दुनिया भर में पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान ईदगाह या मस्जिद में जमा होते हैं और नमाज अदा करते हैं। यह नमाज अमूमन सुबह के समय आयोजित की जाती है। ईद-उल-अजहा बलिदान का त्योहार है और यह अल्लाह के प्रति समर्पण का उदाहरण है। यह त्योहार खुशियां बांटने और गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद करने का भी एक अवसर है। ईद-उल-अजहा को बकरीद भी कहा जाता है।

Eid-Al-Adha Date in India

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, इस साल बकरीद का त्योहार देशभर में 29 जून को मनाया जाएगा। ईद उल अजहा इस्लामी कैलेंडर का 12वां और आखिरी महीना होता है।

Importance of Bakrid or Eid-Al-Adha

ईद-उल-अजहा को हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। हजरत इब्राहिम अल्लाह के हुकम पर अपनी वफादारी दिखाने के लिए अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने को तैयार हो गए थे। जब हजरत इब्राहिम अपने बेटे को कुर्बान करने के लिए आगे बढ़े तो खुदा ने उनकी निष्ठा को देखते हुए इस्माइल की कुर्बानी को दुंबे की कुर्बानी में परिवर्तित कर दिया।

इस तरह दी जाती है कुर्बानी

बकरा ईद के पर नमाज के बाद बकरे या दुंबे-भेड़ की कुर्बानी दी जाती है। नमाज अदा करने के बाद वे भेड़ या बकरी की कुर्बानी (बलि) देते हैं और परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और गरीबों के उसे साझा करते हैं। कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। इसमें से एक हिस्सा गरीबों को जबकि दूसरा हिस्सा दोस्तों और सगे संबंधियों को दिया जाता है। वहीं, तीसरे हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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