लाइफस्टाइल

हम दो, हमारे एक भी नहीं: क्यों शादी के बाद बच्चा करने से कतरा रहे कपल्स, तेजी से बढ़ रहा चलन

आज ऐसे कपल्स की तादाद बहुत ज्यादा बढ़ रही है जो शादी के बाद बच्चा नहीं करना चाहते हैं। ऐसे कपल्स में 99 प्रतिशत ऐसे हैं जो दोनों कमाते हैं। इन कपल्स का फोकस अच्‍छे पैसे कमाना और मौज मस्ती भरी जिंदगी जीने पर होता है।

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शादी और अच्छी कमाई का बाद भी बच्चे क्यों नहीं करना चाहते कपल्स?

Dual Income No Kids in Hindi: जनसंख्या वृद्धि पर काबू पाने के लिए भारत में एक नारा खूब पॉपुलर हुआ था - हम दो हमारे दो। मतलब हम दो और हमारे दो बच्चे। धीरे-धीरे ये नारा बदलता गया। ज्यादातर मानने लगे कि हम दो हमारा एक। वहीं अब ऐसे कपल्स की तादाद बढ़ रही है जो इस लाइफस्टाइल में यकीन करता है कि हम दो हमारा एक भी नहीं। ऐसे कपल्स को इंटरनेट की दुनिया में DINK Couples कहा जा रहा है।

कौन होते हैं DINK Couples?

आज ऐसे कपल्स की तादाद बहुत ज्यादा बढ़ रही है जो शादी के बाद बच्चा नहीं करना चाहते हैं। ऐसे कपल्स में 99 प्रतिशत ऐसे हैं जो दोनों कमाते हैं। इन कपल्स का फोकस अच्‍छे पैसे कमाना और मौज मस्ती भरी जिंदगी जीने पर होता है। ऐसे कपल्स को DINK कहा जाता है। DINK का मतलब है- डुअल इनकम नो किड्स (Dual Income No Kids)।

बच्चा क्यों नहीं करना चाहते DINK?

DINK Couples

Who are Dink Couples (Photo- Pexels)

डिंक कपल्स कमाते तो अच्छा हैं लेकिन वो पैसे खुद की खुशी, घूमने फिरने और अच्छी लाइफस्टाइल पर खर्च करते हैं। इन्हें लगता है कि खुशहाल जिंदगी के लिए बच्चे जरूरी नहीं हैं। जीवन में किसी तीसरे इंसान की जिम्मेदारी नहीं है तो आप ज्यादा खुश रह सकते हैं।

डिंक लाइफस्टाइल के नुकसान

भारत में DINK Couples समजा से कटा हुआ महसूस करते हैं। दरअसल यहां बच्चा ना करने वाले कपल्स, खासतौर पर महिलाओं, को आज भी कई तरह के ताने झेलने पड़ते हैं। इसके अलावा एक समय के बाद बच्चे की कमी उन्हें अकेलेपन और अवसाद से भी घेर सकती है।

डिंक लाइफस्टाइल में इन बातों का रखें ध्यान

ऐसी जीवनशैली अपनाने के बाद अंधाधुन खर्च करने से बचें। बच्चों की जिम्मेदारी ना होने का मतलब ये नहीं है कि आप सिर्फ पैसे खर्च करने में ही लगे हैं। समय-समय पर ये आंकलन जरूर करें कि जो आपने फैसला लिया है वो सही है ना।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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