Ganesh Visarjan 2024: गणेश चतुर्थी के दिन घर आए बप्पा की अन्नत चतुर्दशी के दिन विदाई की जाती है। जिस तरह से गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा का आगमन खुशी और हर्षोल्लास के साथ किया जाता है ठीक उसी तरह से गणेश जी का विसर्जन धूम-धाम से नाच गाकर किया जाता है। भगवान गणेश की विदाई करने से पहले हवन किया जाता है। यहां जानिए गणेश विसर्जन हवन मंत्र और पूजा विधि।
गणेश विसर्जन मंत्र (Ganesh Visarjan Mantra)
- ऊँ मोदाय नम:
- ऊँ प्रमोदाय नम:
- ऊँ सुमुखाय नम:
- ऊँ दुर्मुखाय नम:
- ऊँ अविध्यनाय नम:
- ऊँ विघ्नकरत्ते नम:
- ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा॥
- ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥
- ॐ यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्। इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च॥
- गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्॥ श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
गणेश विसर्जन हवन मंत्र (Ganesh Visarjan Havan Mantra)
ऊं अग्नये नमः .........7 बार इस मन्त्र का जाप करें तथा आग जला लें
ऊं गुरुभ्यो नमः ..... 21 बार इस मन्त्र का जाप करें ।
ऊं अग्नये स्वाहा ...... 7 आहुति (अग्नि मे डालें)
ऊं गं स्वाहा ..... 1 बार
ऊं भैरवाय स्वाहा ..... 11 बार
ऊं गुरुभ्यो नमः स्वाहा .....16 बार
ऊं गं गणपतये स्वाहा ..... 108 बार
अन्त में कहें कि गणपति भगवान की कृपा मुझे प्राप्त हो....
फिर पूजा के दौरान जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिये क्षमा मांगे.....
अंत में तीन बार पानी छिडककर शांति शांति शांति ऊं कहें.....
गणेश विसर्जन मंत्र के लाभ
गणपति विसर्जन के समय गणेश भगवान के मंत्रों का निरंतर जाप करने से घर में सख-समृद्धि बनी रहती है। ऐसी मान्यता है कि इन मंत्रों के जाप से भगवान गणेश अपनी शक्ति का एक अंश घर में छोड़ जाते हैं। जिससे ससे घर में मौजूद नकारात्मकता दूर हो जाती है।
