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दिवाली पर मिठाई खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, कौन सी मिठाई कब खरीदें और कैसे रखें ताजा?

दिवाली पर जरूरत से ज्यादा मिठाई खरीदने से बचने के लिए पहले से एक लिस्ट बना लें। घर के इस्तेमाल और गिफ्ट देने के लिए अलग-अलग मात्रा तय करें।

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दिवाली मिठाई की शापिंग से पहले इन बातों को बांध लें गांठ (Photo: iStock)

Diwali Mithai Shopping Guide: दिवाली का त्योहार हो और घर में मिठाइयों के डिब्बे न आएं, ऐसा भला कैसे हो सकता है। किसी के घर जाना हो तो मिठाई का डिब्बा साथ ले जाना, रिश्तेदारों और दोस्तों को मिठाई भेजना और मेहमानों के सामने अलग-अलग स्वाद की मिठाइयां परोसना इस त्योहार की पुरानी परंपरा है। कई बार उत्साह में हम जरूरत से ज्यादा मिठाई खरीद लेते हैं। कुछ डिब्बे खुलते भी नहीं और मिठाइयां खराब होने लगती हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि मिठाई का चुनाव सोच-समझकर किया जाए।

दिवाली से कितने दिन पहले खरीदें मिठाई?

हर मिठाई की ताजगी बनाए रखने का तरीका अलग होता है। मिठाई में दूध की मात्रा जितनी ज्यादा होगी, उसे खरीदने का समय उतना ही करीब रखना चाहिए।

सोहन पापड़ी, बेसन के लड्डू, काजू कतली और ज्यादातर ड्राई फ्रूट मिठाइयां दिवाली से चार-पांच दिन पहले खरीदी जा सकती हैं। हालांकि, इसके लिए पैकेट पर लिखी बेस्ट बिफोर तारीख और स्टोरेज की जानकारी जरूर देखें। खोया से बनी बर्फी और पेड़े जैसी मिठाइयां त्योहार के करीब खरीदना बेहतर है।

वहीं, रसगुल्ला, रसमलाई, संदेश, कलाकंद और मिल्क केक जैसी ताजा दूध वाली मिठाइयां दिवाली से एक दिन पहले या त्योहार की सुबह ही खरीदें। इन्हें ज्यादा समय तक बाहर रखने से बचना चाहिए।

गिफ्ट में कौन सी मिठाई देना बेहतर है?

कई बार हम मिठाई का डिब्बा किसी ऐसे व्यक्ति को देते हैं, जो उसे तुरंत खोल नहीं पाता। ऑफिस में दिए गए गिफ्ट या दूसरे शहर भेजे जाने वाले मिठाई के डिब्बों के लिए सूखी मिठाइयां बेहतर विकल्प हैं।

काजू कतली, सोहन पापडी, बेसन के लड्डू, ड्राई फ्रूट बर्फी और सूखे मेवों के पैक गिफ्ट किए जा सकते हैं। सीलबंद नमकीन भी मिठाई के साथ अच्छा विकल्प हो सकता है। रसगुल्ला और रसमलाई जैसी मिठाइयां तब न दें, जब सामने वाले के लिए उन्हें तुरंत फ्रिज में रखना मुश्किल हो।

मिठाई की खरीदारी में न हो बर्बादी

दिवाली पर जरूरत से ज्यादा मिठाई खरीदने से बचने के लिए पहले से एक लिस्ट बना लें। घर के इस्तेमाल और गिफ्ट देने के लिए अलग-अलग मात्रा तय करें। खरीदारी दो हिस्सों में करें। सूखी मिठाइयां पहले और ताजा मिठाइयां त्योहार के करीब खरीदें।

यह भी ध्यान रखें कि त्योहार पर दूसरे लोग भी आपके घर मिठाई लेकर आ सकते हैं। इसलिए जरूरत से थोड़ी कम खरीदारी करना समझदारी है। अगर मिठाई बच जाए तो उसकी ताजगी और स्टोरेज की शर्तों को ध्यान में रखते हुए पड़ोसियों, दोस्तों या जरूरतमंद लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

दूसरे शहर मिठाई भेज रहे हैं तो रखें ध्यान

लंबी दूरी की यात्रा में लड्डू, ड्राई फ्रूट और दूसरी सूखी मिठाइयां ले जाना ज्यादा सुविधाजनक है। दूध वाली या चाशनी में डूबी मिठाइयां गर्मी में जल्दी खराब हो सकती हैं। अगर किसी मिठाई को ठंडा रखना जरूरी है, तो इंसुलेटेड बैग का इस्तेमाल करें। मिठाई को गर्म कार में या धूप में न छोड़ें।

कूरियर से मिठाई भेजते समय मजबूत पैकिंग करें और पाने वाले को पहले से जानकारी दें, ताकि वह पार्सल समय पर ले सके। सही मिठाई चुनना और उसे ठीक से संभालना ऐसी तैयारी है, जो दिवाली की मिठास को लंबे समय तक बनाए रख सकती है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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