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दाल-चावल को हेल्दी कैसे बनाएं, तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर ने बताया सही तरीका, वरना बढ़ सकता है वजन

dal chawal ko healthy kaise banaye: गर्म-गर्म दाल-चावल खाने को मिल जाए तो सारी थकान दूर हो जाती है। यूं तो यह वेट लॉस डाइट में भी रखा जाता है लेकिन अधिकतर लोग इसे गलत तरीके से खाते हैं। जिससे यह कंप्लीट मील नहीं बन पाता और इससे मिलने वाला पोषण अधूरा रह जाता है। तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर से जानें कि दाल चावल को हेल्दी खाना कैसे बना सकते हैं।

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दाल-चावल क्यों नहीं है हेल्दी

dal chawal ko healthy kaise banaye: भारत के हर घर की थाली में दाल-चावल सिर्फ खाना नहीं, एक भावना भी है। घर के गर्म गर्म दाल चावल का विचार ही मूड खुश कर देता है। इसे वेट लॉस डाइट में भी शामिल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही सिंपल दिखने वाला खाना आपकी फिटनेस जर्नी में रुकावट भी बन सकता है। हाल ही में अभिनेत्री Tamannaah Bhatia के फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह ने इसी पर एक अहम बात कही है कि दाल-चावल को गलत तरीके से खाने पर यह हेल्दी नहीं, बल्कि अनबैलेंस्ड मील बन जाता है।

दाल-चावल क्यों नहीं है हेल्दी

हम में से ज्यादातर लोग मानते हैं कि दाल प्रोटीन से भरपूर होती है और चावल ऊर्जा देता है, इसलिए यह परफेक्ट मील है। लेकिन एक्सपर्ट के मुताबिक यह आधा सच है। सिर्फ दाल और चावल से बनी थाली में कैलोरी ज्यादा होती है, जबकि प्रोटीन और फाइबर अपेक्षाकृत कम होता है। यही वजह है कि यह खाना पेट भर तो देता है, लेकिन शरीर को संतुलित पोषण नहीं दे पाता। खासकर अगर आप वजन कम करना चाहते हैं या फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं, तो यह तरीका सही नहीं माना जाता।

सबसे पहली गलती: मात्रा पर कंट्रोल नहीं

अक्सर लोग प्लेट में चावल और दाल दोनों ही ज्यादा मात्रा में ले लेते हैं। यही सबसे बड़ी गलती है। फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह के अनुसार, सबसे पहले इनकी मात्रा कम करनी चाहिए। इससे सीधे तौर पर कैलोरी कम हो जाती है और शरीर पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता।

दूसरा कदम: प्रोटीन बढ़ाना है जरूरी

सिर्फ दाल पर निर्भर रहना काफी नहीं है। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन देने के लिए एक्स्ट्रा सोर्स जोड़ना जरूरी है। इसके लिए पनीर एक बेहतरीन विकल्प बताया गया है, खासकर लो-फैट पनीर। प्रोटीन न सिर्फ मसल्स के लिए जरूरी है, बल्कि यह आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है।

तीसरा बदलाव: फाइबर से बनाएं प्लेट बैलेंस

एक हेल्दी मील में फाइबर का होना बेहद जरूरी है, लेकिन दाल-चावल में इसकी कमी रहती है। इसे पूरा करने के लिए सलाद को शामिल करना चाहिए जिसमें खीरा, टमाटर या अन्य हरी सब्जियां शामिल कर सकते हैं। फाइबर पाचन सुधारता है और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में भी मदद करता है।

दाल चावल के साथ दही क्यों खाएं

अगर आप अपनी थाली को और बेहतर बनाना चाहते हैं, तो ग्रीक योगर्ट या दही शामिल कर सकते हैं। यह प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत है, जो गट हेल्थ को सुधारता है और मील को कम्प्लीट बनाता है।

डाइट नहीं, बैलेंस है असली मंत्र

फिटनेस एक्सपर्ट सिद्धार्थ सिंह ने स्पष्ट किया है कि आपको अपनी पसंदीदा चीजें छोड़ने की जरूरत नहीं है। दाल-चावल खाना बंद करने की बजाय उसे सही तरीके से बैलेंस करना ज्यादा जरूरी है। जब आपकी प्लेट में प्रोटीन, फाइबर और नियंत्रित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होता है, तो न सिर्फ वजन कंट्रोल में रहता है बल्कि एनर्जी भी बनी रहती है। याद रखें, फिटनेस का मतलब भूखा रहना नहीं, बल्कि समझदारी से खाना है।

Medha Chawla
मेधा चावला author

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वा... और देखें

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