Childhood obesity: अक्टूबर माह में जारी ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत को पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों से भी निचले क्रम में रखा गया है। भारत को दुनिया में सबसे अधिक कुपोषित बच्चों की संख्या वाले देशों में शामिल किया जाता है। अब देश को बच्चों में बढ़ते मोटापा की बीमारी भी महामारी का रूप लेने लगी है। यूनिसेफ के वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस द्वारा जारी 2022 के रिपोर्ट में कई चौकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2030 तक 27 मिलियन से अधिक बच्चे मोटापे के शिकार हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल इसका इलाज नहीं किया गया तो स्थित और भी गंभीर हो सकती है।
बच्चों में बढ़ते मोटापे की इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण खान-पान को माना जा रहा है। गलत डाइट बच्चों में मोटापा बढ़ाने के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा रही है। बच्चे जंक फूड का सेवन करने के साथ फिजिकल एक्टिविटी में भी कम हिस्सा ले रहे हैं। जिसकी वजह से उनमें मोटापा बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में पाया गया कि इस समय देश के करीब 3.4% बच्चे मोटापा का शिकार हो चुके हैं। इसलिए जरूरी हो जाता कि बच्चों के खानपान पर ध्यान देने के साथ उनमें हेल्दी डाइट की आदत डाली जाए।
बच्चों को हेल्दी फूड देने के लिए इन तरीकों को अपना सकते हैं-
धीरे-धीरे बदलें फूड हैबिटबच्चों के अनहेल्दी फूड हैबिट को बदलने के लिए सबसे पहले उससे होने वाले नुकसान के बारे में बताएं। साथ ही बच्चे को न्यूट्रिशन से भरपूर खाने से होने वाले फायदे के बारे में बताएं। इसके बाद धीरे-धीरे बच्चों की डाइट से अनहेल्दी फूड आइटम्स को हटा कर ईटिंग पैटर्न को चेंज करें।
इंटरेस्टिंग कुकिंग तरीके अपनाएं
हेल्दी फूड की तरफ बच्चों का रुझान बनाने के लिए कुकिंग के इंटरेस्टिंग और इनोवेटिव तरीकों को अपनाएं। बच्चों को ब्राइट कलर ज्यादा पसंद होते हैं लेकिन इसके बाद भी वे फल और सब्जियां खाना पसंद नहीं करते। इस परेशानी को दूर करने के लिए आप फल और सब्जियों को अलग-अलग शेप में काटकर बनाएं। फल और सब्जियों की स्मूदी भी बना सकते हैं।
खाने का समय तय करें
मोटापा बढ़ने का एक बड़ा कारण सही समय और सही तरीके से खाना न खाना भी होता है। आज के समय में ज्यादातर पेरेंट्स अपने बच्चों को टीवी या मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए खाना खिलाते हैं। ऐसे में बच्चे न तो खाने पर फोकस कर पाते हैं और न ही पूरी डाइट ले पाते हैं। यह आदत आगे चलकर बैड ईटिंग पैटर्न बन जाता है। इसलिए ध्यान रखें कि खाना खाते समय उसका पूरा ध्यान खाने पर हो और खाने का एक फिक्स समय भी हो।
