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चाणक्य नीति: आस्तीन के सांप होते हैं ऐसे लोग, इन 5 स्वभाव वाले लोगों से तुरंत बना लें दूरी

Chanakya Niti (चाणक्य नीति): चाणक्य का मानना था कि कई बार हम अपनी उदारता में ऐसे लोगों को गले लगा लेते हैं जो अंदर ही अंदर हमारी जड़ें काटने का काम करते हैं।

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चाणक्य नीति (AI Image)

Chanakya Niti (चाणक्य नीति): आचार्य चाणक्य आज भी लाखों करोड़ों लोगों के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। अपने समय के महानतम अर्थशास्त्री और कूटनीतिज्ञ के तौर पर गिने जाने वाले चाणक्य ने बहुत सी ऐसी नीतियां बनाई हैं जिनका पालन कर इंसान अपने जीवन को सुगम और सफल बना सकता है। उनकी ये नीतियां चाणक्य नीति के तौर पर हमारे बीच उपलब्ध है। चाणक्य नीति आज हजारों साल बाद भी उतनी ही सटीक बैठती है, जितनी मौर्य काल में थी। चाणक्य का मानना था कि एक समझदार व्यक्ति वही है जो अपने शत्रुओं से ज्यादा अपने छिपे हुए शत्रुओं यानी 'आस्तीन के सांपों' से सावधान रहे।

चाणक्य का मानना था कि कई बार हम अपनी उदारता में ऐसे लोगों को गले लगा लेते हैं जो अंदर ही अंदर हमारी जड़ें काटने का काम करते हैं। चाणक्य नीति से खोजकर यहां हम ऐसे 5 स्वभाव वाले लोगों का जिक्र करेंगे जिनसे आपको तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए:

मीठा बोलने वाले पीठ पीछे वार करने वाले

चाणक्य कहते थे कि उस व्यक्ति से हमेशा सावधान रहें जिसके मुख पर तो अमृत हो, लेकिन हृदय में विष भरा हो। ऐसे लोग आपकी प्रशंसा करके आपका विश्वास जीतते हैं और जैसे ही आप उन पर भरोसा कर अपनी गोपनीय बातें बताते हैं, वे आपके पतन की योजना बनाने लगते हैं। चाणक्य नीति में इन्हें 'परोक्षे कार्यहन्तारं' कहा गया है, यानी पीठ पीछे काम बिगाड़ने वाले।

स्वार्थी और अवसरवादी

चाणक्य नीति कहती है कि जो व्यक्ति केवल अपने मतलब के लिए आपसे जुड़ा हो, वह सबसे खतरनाक होता है। चाणक्य के अनुसार, स्वार्थी व्यक्ति कभी किसी का सगा नहीं हो सकता। जैसे ही उसका काम निकल जाता है या जैसे ही आप पर कोई विपत्ति आती है, वह सबसे पहले आपका साथ छोड़कर भाग खड़ा होगा। ऐसे लोग 'आस्तीन के सांप' की तरह सही मौके का इंतज़ार करते हैं।

दूसरों की बुराई करने वाले

चाणक्य कहते थे कि यदि कोई व्यक्ति आपके पास आकर दूसरों की बुराई या उनके राज खोलता है, तो इस बात की पूरी संभावना है कि वह दूसरों के पास जाकर आपकी भी बुराई करता होगा। चाणक्य नीति के अनुसार, ऐसे लोग भरोसे के काबिल नहीं होते। इनका स्वभाव ही इधर की बातें उधर करना होता है, जो समाज में आपकी छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

दुष्ट स्वभाव और नकारात्मक सोच वाले

चाणक्य का एक प्रसिद्ध श्लोक है कि दुष्ट व्यक्ति और सांप में से सांप बेहतर है, क्योंकि सांप तो केवल एक बार डसता है, लेकिन दुष्ट व्यक्ति हर कदम पर आपको नुकसान पहुंचाता है। नकारात्मक और क्रूर स्वभाव वाले लोग आपके जीवन में केवल मानसिक तनाव और अशांति लाते हैं। इनकी संगति आपकी प्रगति में बाधक बनती है।

मूर्ख और कुतर्की मित्र

चाणक्य का मानना था कि एक समझदार दुश्मन, एक मूर्ख दोस्त से कहीं बेहतर है। मूर्ख व्यक्ति अपनी नासमझी में आपको ऐसी मुसीबत में डाल सकता है जिससे निकलना असंभव हो जाए। जो लोग बिना किसी आधार के कुतर्क करते हैं और सही सलाह को भी गलत मानते हैं, उनसे दूरी बनाए रखना ही बुद्धिमानी है।

कुल मिलाकर आचार्य चाणक्य की ये बातें हमें जीवन में सतर्क रहने की राह दिखाती हैं। तो अगर आप इन आस्तीन के सांपों की पहचान करना चाहते हैं कि आप ऊपर बताए गए व्यवहारों पर गौर करें। ऐसा करके आप समय रहते खुद को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं। चाणक्य का यह सूत्र कभी ना भूलें कि गलत लोगों की संगति से अकेले रहना कहीं ज्यादा सुखद और सुरक्षित है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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