Why Do I Cry on Birthday's: बर्थडे का मतलब आमतौर पर केक, मोमबत्तियां, सरप्राइज और ढेर सारी शुभकामनाएं और खुशियां होता है। लेकिन कभी-कभी इसी खुशी के बीच अचानक आंखें नम हो जाती हैं। कोई गाना सुनकर, किसी के प्यार भरे मैसेज से या परिवार को अपने आसपास देखकर मन भर आता है। कई लोगों को समझ ही नहीं आता कि जब वे खुश हैं, तो रो क्यों रहे हैं?
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दरअसल, फीलिंग्स और इमोशन्स हमेशा अलग-अलग डिब्बों में नहीं आतीं। खुशी के साथ प्यार, राहत, पुरानी यादें, उम्मीद, बीते साल का हिसाब और आने वाले समय को लेकर उम्मीद या चिंता भी जुड़ी हो सकती है। जन्मदिन इन भावनाओं को एक ही दिन सामने ला देता है। इसलिए बर्थडे पर रोना जरूरी नहीं कि दुख का संकेत हो। कई बार यह उस पल का तरीका होता है, जब हमारा मन बहुत सारी इमोशन्स को एक साथ महसूस कर रहा होता है।
खुशी में आंसू क्यों आ जाते हैं?
हम अक्सर खुशी और दुख को एक-दूसरे का उल्टा समझते हैं। लेकिन शरीर और दिमाग की भावनात्मक प्रतिक्रिया इतनी सीधी नहीं होती। बहुत तेज खुशी भी शरीर में एक मजबूत इमोशनल रोलर कोस्टर पैदा कर सकती है।
जब कोई बेहद खास सरप्राइज मिलता है या कोई करीबी व्यक्ति लंबे समय बाद सामने होता है, तो भावनाएं अचानक तेज हो सकती हैं। ऐसे समय में आंसू उस भावनात्मक दबाव को बाहर निकालने का एक स्वाभाविक तरीका हो सकते हैं।
बर्थडे पर पुरानी यादें भी लौटती हैं
जन्मदिन सिर्फ आज का दिन नहीं होता। यह आपको पिछले जन्मदिनों की याद भी दिला सकता है। बचपन के जन्मदिन, परिवार के साथ बिताए पल, पुराने दोस्त या कोई ऐसा व्यक्ति जो अब आपके साथ नहीं है—इन सबकी याद अचानक आ सकती है। यही वजह है कि एक तरफ आप केक काट रहे होते हैं और दूसरी तरफ मन कहीं बहुत पीछे चला जाता है। कई बार खुशी के साथ थोड़ी उदासी मिल जाती है। इसे समझने के लिए खुद से लड़ने की जरूरत नहीं है।
ज्यादा खुशी में दिमाग पर क्या होता है?
यह कहना सही नहीं होगा कि ज्यादा खुशी से दिमाग पर कोई नुकसानदायक बोझ पड़ता है। बल्कि बहुत सारे इमोशन्स के दौरान दिमाग और शरीर को उस अनुभव को संभालना होता है। कभी हंसी और रोना एक साथ आने लगते हैं। कभी बहुत खुशी में कुछ पल के लिए व्यक्ति शांत हो जाता है। किसी को गले लगाने का मन करता है तो किसी की आंखों से आंसू निकल आते हैं। इसे भावनाओं का एक तरह का “मिक्स्ड रिस्पॉन्स” समझ सकते हैं। और बेशक ही ये इमोशन्स कभी कभी मन को थका भी देते हैं।
सिर्फ जन्मदिन पर इमोशनल होकर रोना आम तौर पर चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर लगातार उदासी, बहुत ज्यादा घबराहट, नींद या रोजमर्रा के काम में परेशानी जैसी भावनाएं लंबे समय तक बनी रहें, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना बेहतर हो सकता है।
