गर्मी की तपिश और चिलचिलाती धूप से परेशान हर दिल को अब मानसून का बेसब्री से इंतजार है। दरअसल जैसे ही आसमान में काले बादल छाते हैं और मिट्टी पर पहली बारिश की बूंदें पड़ती हैं, प्रकृति खिल उठती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसून का असली जादू आपके घर और बगीचे में भी बिखर सकता है? बरसात के मौसम में पौधों की ग्रोथ दोगुनी तेजी से होती है।
अगर आप चाहते हैं कि इस मानसून आपका घर और बालकनी खुशबू से सराबोर रहे, तो मानसून के दस्तक देने से पहले ही आपको कुछ खास पौधों को अपने घर का हिस्सा बना लेना चाहिए। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ पौधों के बारे में, जिन्हें अभी लगाकर आप बरसात में अपने आशियाने को महका सकते हैं:
1. मोगरा
खुशबूदार पौधों की बात हो और मोगरे का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। मोगरे के सफेद, छोटे फूल अपनी भीनी-भीनी और मनमोहक सुगंध के लिए जाने जाते हैं। मानसून की ठंडी हवाओं के साथ जब मोगरे की खुशबू घर में प्रवेश करती है, तो पूरा माहौल तनावमुक्त और तरोताजा हो जाता है। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां अच्छी धूप मिलती हो।
2. पारिजात या हरसिंगार
धार्मिक महत्व रखने के साथ-साथ पारिजात का पौधा अपने अद्भुत सुगंधित फूलों के लिए प्रसिद्ध है। इसके फूल रात में खिलते हैं और सुबह अपने आप जमीन पर गिर जाते हैं। मानसून के दौरान इसमें भारी मात्रा में फ्लावरिंग होती है। इसकी सुगंध इतनी तेज और सम्मोहक होती है कि आपका पूरा घर-आंगन महक उठेगा।
3. रात की रानी
अगर आप चाहते हैं कि शाम ढलते ही आपका घर किसी परफ्यूम की तरह महकने लगे, तो 'रात की रानी' का पौधा आज ही नर्सरी से ले आएं। इसके छोटे-छोटे हरे-सफेद रंग के फूल रात के समय बेहद तेज खुशबू बिखेरते हैं। बरसात के मौसम में नमी पाकर यह पौधा बहुत तेजी से फैलता है।
4. गंधराज
गंधराज के बड़े, सफेद और मखमली फूल न सिर्फ दिखने में खूबसूरत होते हैं, बल्कि इनकी खुशबू भी बेहद लाजवाब होती है। मानसून की रिमझिम फुहारों के बीच गंधराज के फूलों की महक मानसिक सुकून देती है। इसे थोड़ी नमी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की जरूरत होती है।
मानसून में पौधे लगाने के कुछ जरूरी टिप्स:
- सही ड्रेनेज: गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए, वरना पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं। गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर चेक करें।
- मिट्टी: पौधे लगाने के लिए मिट्टी में कोकोपीट और गोबर की खाद (या वर्मीकम्पोस्ट) बराबर मात्रा में मिलाएं।
- कीटों से बचाव: बरसात में कीड़े-मकौड़ों का डर रहता है, इसलिए पौधों पर समय-समय पर नीम के तेल का छिड़काव करें।
- छंटाई: मानसून की शुरुआत में पौधों की हल्की प्रूनिंग (कटाई-छंटाई) कर दें। इससे बरसात का पानी मिलते ही पौधों में नई कलियां और शाखाएं तेजी से निकलेंगी।
तो देर किस बात की? मानसून के आने से पहले अपने नजदीकी नर्सरी का चक्कर लगाइए और इन पौधों को लाकर अपने घर को प्रकृति की सबसे खूबसूरत खुशबू से सराबोर करने की तैयारी कर लीजिए।
