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Guest Etiquettes: किसी के घर मेहमान बन कर जाएं तो ना करें ऐसी गलतियां, बार-बार बुलाएगा मेजबान

Guest Etiquettes: कई बार जाने-अनजाने में हमारी कुछ आदतें सामने वाले को असहज कर देती हैं। ऐसे में वह हमसे दूरी बनाने लगता है।

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मेहमान बनें तो मेजबान की इन बातों का जरूर रखें ध्यान (Photo: iStock)

भारतीय में मेहमान को भगवान समझा जाता है। लोग एक दूसरे के घर मेहमान बन कर जाते हैं। सामने वाले की मेजबानी के मजे लेते हैं और फिर अपने घर लौट आते हैं। इन सबके बीच हम ये भूल जाते हैं कि एक अच्छा मेहमान बनना भी उतना ही जरूरी है, जितना एक अच्छा मेजबान होना। कई बार जाने-अनजाने में हमारी कुछ आदतें सामने वाले को असहज कर देती हैं। ऐसे में वह हमसे दूरी बनाने लगता है। तो अगर आप भी अपने किसी रिश्तेदार, दोस्त या परिचित के घर मेहमान बनकर जा रहे हैं, तो कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें:

बिना बताए न पहुंचें

भले ही सामने वाला आपका कितना भी करीबी क्यों न हों, लेकिन अचानक किसी के घर पहुंच जाना सही नहीं माना जाता। पहले फोन या मैसेज से आने की जानकारी दें। ये आम शिष्टाचार का हिस्सा है। इससे सामने वाले को तैयारी का समय भी मिल जाता है।

खाली हाथ न जाएं

किसी के घर खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। जाते समय कोई उपहार, मिठाई या फल लेकर जाना अच्छा माना जाता है। यह मेजबान के प्रति सम्मान और अपनापन दिखाने का एक तरीका है।

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मेजबान के नियमों का सम्मान करें

हर परिवार के अपने तौर-तरीके और नियम होते हैं। कहीं जूते बाहर उतारने का नियम होता है तो कहीं खाने-पीने का अलग तरीका। ऐसे में बतौर मेहमान हमारा फर्ज बनता है कि हम मेजबान के नियमों का सम्मान करें।

जरूरत से ज्यादा दखल न दें

मेहमान बनकर किसी के निजी मामलों, आर्थिक स्थिति या पारिवारिक बातों में ज्यादा सवाल पूछना ठीक नहीं है। हर व्यक्ति की अपनी निजी सीमाएं होती हैं, जिनका सम्मान करना जरूरी है।

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खाने को लेकर नखरे न दिखाएं

अगर आपके लिए विशेष रूप से खाना बनाया गया है तो उसकी सराहना जरूर करें। यदि किसी चीज से एलर्जी है या आप उसे नहीं खाते, तो विनम्रता के साथ अपनी बात रखें। खाने की बुराई करना या बार-बार शिकायत करना मेजबान को बुरा लग सकता है।

अपनी लिमिट समझें

किसी के यहां सहज होना अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप बिना पूछे अलमारी खोलें, टीवी का रिमोट संभाल लें या हर चीज में हस्तक्षेप करने लगें। दूसरों की निजी जगह का सम्मान करना भी जरूरी है।

आभार जताना न भूलें

विदा लेते समय मेजबान का धन्यवाद जरूर करें। अगर उन्होंने आपके लिए समय निकाला, खाने-पीने का इंतजाम किया या आपको आरामदायक महसूस कराया, तो उनकी सराहना करना रिश्तों में मिठास बनाए रखता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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