आजकल बढ़ते प्रदूषण के कारण श्वांस नली में जलन, खांसी, जुकाम, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। इन समस्याओं से लड़ने के लिए कारगर उपाय हमारी दैनिक दिनचर्या की सरल आदतों में ही छिपे हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, दैनिक जीवन में कुछ सरल बदलाव अपनाकर श्वसन प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है और प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से बचाव संभव है।
गर्म खारे पानी से गरारे
आयुष मंत्रालय का पहला सुझाव है गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करना। इससे गले की जलन, खराश और संक्रमण कम होता है। सुबह-शाम गरारे करने से प्रदूषण के कण गले में जमने से रुकते हैं और सांस की नली साफ रहती है।
हर्बल चाय से बढ़ाएं इम्यूनिटी
अदरक, तुलसी और काली मिर्च से बनी हर्बल चाय पीना भी बेहद फायदेमंद है। यह चाय इम्यूनिटी बढ़ाती है और सांस से जुड़ी समस्याओं में राहत देती है। अदरक सूजन कम करता है, तुलसी में एंटी-वायरल गुण होते हैं और काली मिर्च बलगम को पतला करती है।
भाप लेना है असरदार उपाय
नाक बंद होने और कंजेशन की समस्या में भाप लेना काफी लाभकारी होता है। गर्म पानी में सादा भाप या यूकेलिप्टस ऑयल की कुछ बूंदें डालकर भाप लेने से नाक और छाती की जकड़न कम होती है और सांस लेना आसान हो जाता है।
घर के अंदर धुएं से बचें
घर के अंदर कचरा या अगरबत्ती जलाने से बचना चाहिए। इससे निकलने वाला धुआं फेफड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक होता है और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। घर को हवादार रखना जरूरी है।
आसान उपाय, बड़ा फायदा
ये सभी उपाय घरेलू, सरल और असरदार हैं। इन्हें अपनाकर प्रदूषण से होने वाली खांसी, अस्थमा और सांस की अन्य समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर परेशानी ज्यादा हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
इनपुट - आईएएनएस
