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ममता बनर्जी से अखिलेश यादव ने जो कहा वो हर किसी के लिए है सबक, जान लें तो बेहतर

Akhilesh Yadav - Mamata Banerjee: अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी से मिलते ही जो कहा वो सुनने में भले साधाराण सी बात लगे, लेकिन हर इंसान के लिए वह एक जरूरी सबक भी सिखाती है।

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ममता से मुलाकात पर हर किसी को क्या सबक सिखा गए अखिलेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) 7 मई को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से मिलने कोलकाता पहुंचे। वह एयरपोर्ट से सीधा ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचें और उनसे शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने जो ममता बनर्जी से जो कहा वो काफी चर्चा में है। सोशल मीडिया में भी वीडियो वायरल हो रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में भी अखिलेश और ममता के बीच हुई इस मुलाकात के अपने तरीके से मायने निकाले जा रहे हैं। लेकिन राजनीति से इतर देखा जाए तो दोनों के बीच जो बात हुई उससे हर इंसान सबक ले सकता है।

ममता बनर्जी से मिल क्या बोले अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी से मिलते ही जो कहा वो सुनने में भले साधाराण सी बात लगे, लेकिन हर इंसान के लिए वह एक जरूरी सबक भी सिखाती है। दरअसल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। अखिलेश ने ममता बनर्जी से मिलते ही कहा - दीदी आप आप हारी नहीं हैं, आप लड़ीं।

जीवन का कौन सा अहम सबक सिखाती है अखिलेश की बात

अगर आप गौर करें तो किसी से कहना कि आप हारे नहीं हैं, अच्छा लड़े महज दिलासा देने वाले शब्द नहीं है। इसमें जीवन का बेहद अहम सबक छिपा हुआ है। दरअसल कई बार हम किसी परिणाम को देखकर खुद को असफल मान लेते हैं, जबकि असली महत्व उस संघर्ष का होता है जो हमने पूरी ईमानदारी और साहस के साथ किया।

जीवन में हर लड़ाई जीतना संभव नहीं होता। कई बार परिस्थितियां हमारे खिलाफ होती हैं, किस्मत साथ नहीं देती या मंजिल हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलती। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारी कोशिश बेकार थी। जो इंसान गिरने के डर के बावजूद मैदान में उतरता है, मुश्किलों का सामना करता है और अंत तक हार नहीं मानता, वास्तव में जीत उसी की होती है।

अखिलेश यादव की यह बात हमें सिखाती है कि हार केवल परिणाम से तय नहीं होती। अगर आपने पूरी मेहनत, ईमानदारी और हिम्मत के साथ कोशिश की है, तो आप पहले ही बहुत कुछ जीत चुके हैं। संघर्ष इंसान को अनुभव देता है, भीतर से मजबूत बनाता है और उसे खुद से मिलाता है।

कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी जीत सफल हो जाना नहीं होती। सही मायने में जीत वह होती है कि कठिन समय में भी आपने खुद को टूटने नहीं दिया। इसलिए आपकी कोशिश, आपका साहस और आपका धैर्य किसी भी हार से कहीं ज्यादा मूल्यवान है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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