(अचार में हींग का धुआं क्यों लगाते हैं (Hing Dhooni in Pickle) : भारतीय रसोई में अचार केवल स्वाद बढ़ाने वाली चीज नहीं माना जाता, बल्कि यह परंपरा, स्वाद और घरेलू ज्ञान का भी हिस्सा है। पुराने समय में लोग अचार को सालों तक सुरक्षित रखने के लिए कई देसी तरीके अपनाते थे। इन्हीं में से एक तरीका अचार की बरनी में हींग का धुआं देना है। आज भी कई घरों में आम, नींबू, मिर्च या मिक्स अचार बनाते समय हींग की धूनी दी जाती है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों किया जाता है और इससे अचार में क्या फायदा होता है?
अचार में हींग का धुआं क्यों लगाया जाता है
हींग (Asafoetida) को आयुर्वेद में बहुत गुणकारी माना गया है। इसमें प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। पुराने समय में लोग मिट्टी या कांच की बरनी में अचार रखते थे। अगर उसमें थोड़ी भी नमी रह जाए तो अचार जल्दी खराब होने लगता था। ऐसे में बरनी (अचार रखने का जार) को हींग के धुएं से शुद्ध किया जाता था ताकि उसमें मौजूद नमी, बैक्टीरिया और फफूंदी पैदा करने वाले तत्व खत्म हो जाएं। यही वजह है कि दादी-नानी अचार डालने से पहले बरनी को धूप दिखाने के साथ ही हींग की धूनी भी देती थीं।
अचार में हींग के धुएं से क्या होता है
हींग का धुआं बरनी के अंदर एक तरह का प्राकृतिक प्रोटेक्शन तैयार करता है। इससे फंगस और बैक्टीरिया पनपने की संभावना कम हो जाती है। यही कारण है कि धूनी वाला अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। अक्सर अचार में कुछ दिनों बाद सफेद फफूंदी जैसी परत दिखाई देने लगती है। इसका कारण नमी और बैक्टीरिया होते हैं। हींग की धूनी इस समस्या को काफी हद तक रोकने में मदद करती है।
स्वाद और खुशबू बढ़ जाती है
हींग की तेज लेकिन सौंधी खुशबू अचार के स्वाद को और बेहतर बना देती है। धुएं की हल्की सुगंध पूरे अचार में मिल जाती है, जिससे उसका स्वाद अधिक पारंपरिक और देसी लगता है।
पाचन के लिए फायदेमंद
हींग को पेट के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में मदद करती है। जब अचार में हींग का प्रभाव शामिल होता है तो वह अपेक्षाकृत ज्यादा सुपाच्य माना जाता है।
अचार में हींग का धुआं देने का सही तरीका
सबसे पहले अचार रखने वाली बरनी को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें। इसके बाद एक छोटे जलते कोयले या लोहे की कटोरी में हींग डालें। जैसे ही धुआं निकलने लगे, बरनी को उसके ऊपर उल्टा रख दें ताकि धुआं अंदर भर जाए। कुछ मिनट बाद बरनी को सीधा करके उसमें अचार भर दें। कुछ लोग सरसों के तेल में हींग डालकर भी हल्की धूनी देते हैं, जिससे स्वाद और बढ़ जाता है।

अचार
किन अचारों कर सकते हैं उपयोग
हींग का धुआं आप आम, नींबू, लाल मिर्च,मिक्स वेज, कटहल के अचार में दे सकते हैं। इन सभी में हींग की धूनी स्वाद और सुरक्षा दोनों के लिए उपयोगी मानी जाती है। आज फ्रिज और एयरटाइट कंटेनर मौजूद हैं, लेकिन फिर भी पारंपरिक तरीके अपनाने से अचार का स्वाद अधिक देसी और लंबे समय तक टिकाऊ बन सकता है। खासकर घर का बना अचार यदि बिना केमिकल के सुरक्षित रखना हो, तो हींग की धूनी एक बेहद असरदार घरेलू उपाय मानी जाती है।
