Independence Day Poem in Hindi 2023: इस बार 15 अगस्त 1947 को आजादी के 77 वर्ष पूरे होने जा (Independence Day Poem) रहे हैं। भारत अपना 76वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा (Independence Day Poem In Hindi) रहा है। आजादी के इस अमृतकाल में हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। गली मोहल्ले से लेकर लाल किले तक पूरा देश तिरंगामय हो (Deshbhakti Poem) चुका है। यही वह दिन है जब ब्रिटिश साम्राज्य का अंत हुआ था और भारत में स्वतंत्रता का उदय (Deshbhakti Poem In Hindi) हुआ था। यह दिन हर भारतीय के लिए बेहद खास है। करीब 200 साल बाद भारत के अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त हुआ था।
आजादी के इस पावन अवसर पर स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों से लेकर सरकारी कार्यालयों में देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस खास मौके पर हम आपके लिए देशभक्ति कविताएं लेकर आए हैं। इसे मंच से दोहराकर आप लोगों के बीच देशभक्ति की ज्वाला जागृत कर सकते हैं।
Independence Day Poem In Hindi: हे मातृभूमि तेरे चरणों में सिर नवाऊं
हे मातृभूमि ! तेरे चरणों में सिर नवाऊंमैं भक्ति भेंट अपनी, तेरी शरण में लाऊं ।
माथे पे तू हो चन्दन, छाती पे तू हो माला
जिह्वा पे गीत तू हो, तेरा ही नाम गाऊँ ।
जिससे सपूत उपजें, श्रीराम-कृष्ण जैसे
उस धूल को मैं तेरी निज शीश पे चढ़ाऊँ ।
माई समुद्र जिसकी पदरज को नित्य धोकर
करता प्रणाम तुझको, मैं वे चरण दबाऊँ ।
सेवा में तेरी माता ! मैं भेदभाव तजकर
वह पुण्य नाम तेरा, प्रतिदिन सुनूँ सुनाऊँ ।
तेरे ही काम आऊँ, तेरा ही मन्त्र गाऊँ
मन और देह तुझ पर बलिदान मैं चढ़ाऊँ ।
Independence Day Poem: विजयी विश्व तिरंगा प्यारा
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,झंडा ऊँचा रहे हमारा।
सदा शक्ति बरसाने वाला,
प्रेम सुधा सरसाने वाला
वीरों को हरषाने वाला
मातृभूमि का तन-मन सारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
स्वतंत्रता के भीषण रण में,
लखकर जोश बढ़े क्षण-क्षण में,
काँपे शत्रु देखकर मन में,
मिट जावे भय संकट सारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
इस झंडे के नीचे निर्भय,
हो स्वराज जनता का निश्चय,
बोलो भारत माता की जय,
स्वतंत्रता ही ध्येय हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
आओ प्यारे वीरों आओ,
देश-जाति पर बलि-बलि जाओ,
एक साथ सब मिलकर गाओ,
प्यारा भारत देश हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
इसकी शान न जाने पावे,
चाहे जान भले ही जावे,
विश्व-विजय करके दिखलावे,
तब होवे प्रण-पूर्ण हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
Independence Day Poem For Kids: मुझको है विश्वास
मुझको है विश्वास किसी दिनघायल हिंदुस्तान उठेगा।
दबी हुई दुबकी बैठी हैं
कलरवकारी चार दिशाएँ,
ठगी हुई, ठिठकी-सी लगतीं
नभ की चिर गतिमान हवाएँ,
अंबर के आनन के ऊपर
एक मुर्दनी-सी छाई है,
एक उदासी में डूबी हैं
तृण-तरुवर-पल्लव-लतिकाएँ;
आंधी के पहले देखा है
कभी प्रकृति का निश्चल चेहरा?
इस निश्चलता के अंदर से
ही भीषण तूफान उठेगा।
मुझको है विश्वास किसी दिन
घायल हिंदुस्तान उठेगा।
यहां आप देशभक्ति से सराबोर कविताएं नोट कर सकते हैं।
