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गर्मी और लू का 'काल' हैं ये 10 देसी पकवान, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे

Traditional Indian dishes to prevent heat stroke: इन सारे पारंपरिक व्यंजनों जो एक बात कॉमन है वो ये है कि ये सभी प्रकृति के अनुरूप हैं और मौसम के अनुसार शरीर की जरूरतों को पूरा करते हैं।

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गर्मी में लू से बचाएंगे ये देसी पकवान (AI Image)

Traditional Indian dishes to prevent heat stroke: भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का सबसे सुंदर रूप उसके खान-पान में दिखाई देता है। खासकर गर्मियों के मौसम में, जब चिलचिलाती धूप और लू से बचना चुनौती बन जाता है, तब हमारे पारंपरिक व्यंजन किसी प्राकृतिक औषधि की तरह काम करते हैं। गर्मियों के मौसम के लिए कई ऐसे व्यंजन हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ ही शरीर को ठंडा रखने और हाइड्रेटेड बनाए रखने में भी मददगार हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में आज भी ये व्यंजन बड़े चाव से खाए जाते हैं।

तेज गर्मी और लू से बचाने वाले देसी पकवान

1. कच्चा आमेर टोक दाल

पश्चिम बंगाल की कच्चा आमेर टोक दाल गर्मियों की पहचान है। मसूर दाल और कच्चे आम की खटास से बनी यह डिश शरीर को ठंडक देती है और पाचन को भी दुरुस्त रखती है।

कच्चा आमेर टोक दाल (Photo: Instagram)

कच्चा आमेर टोक दाल (Photo: Instagram)

2. थयिर सादम

दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु का थयिर सादम यानी कर्ड राइस, दही और चावल का सरल लेकिन पौष्टिक मेल है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट को स्वस्थ रखते हैं और गर्मी से राहत देते हैं।

3. पच्ची पुलुसु

आंध्र प्रदेश का पच्ची पुलुसु बिना आग के बनने वाला एक अनोखा व्यंजन है, जिसमें इमली, प्याज और गुड़ का संतुलन शरीर को ठंडक पहुंचाता है।

4. अंगमली मंगा करी

केरल की अंगमली मंगा करी कच्चे आम और नारियल के दूध से तैयार होती है, जो पेट की जलन को शांत करती है और स्वाद में भी लाजवाब होती है।

5. पखला भात - पोइता भात

ओडिशा का पखला भात और असम का पोइता भात दोनों ही फर्मेंटेड चावल से बनते हैं। ये व्यंजन शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और पाचन तंत्र को मजबूत करने में बेहद असरदार माने जाते हैं। इनके साथ परोसे जाने वाले सादे मसालेदार साइड डिश इन्हें और भी संतुलित बनाते हैं।

कढ़ी चावल (Photo: facebook)

कढ़ी चावल (Photo: facebook)

6.कढ़ी चावल

उत्तर भारत में कढ़ी चावल गर्मियों का एक हल्का और सुपाच्य भोजन है। दही और बेसन से बनी कढ़ी न सिर्फ स्वादिष्ट होती है, बल्कि शरीर को ठंडक भी देती है।

7. रेडू

हिमाचल प्रदेश का रेडू भी दही आधारित व्यंजन है, जिसे हल्के मसालों के साथ तैयार किया जाता है और यह लू से बचाव में मदद करता है।

8. सौथेकाई मोसरु पल्या

कर्नाटक की सौथेकाई मोसरु पल्या खीरे और दही से बनी एक ठंडी डिश है, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करती है।

9. सोल कढ़ी

गोवा और महाराष्ट्र के कोंकण इलाके में सोल कढ़ी कोकम और नारियल के दूध से बनी एक लोकप्रिय ड्रिंक है, जो खाने के बाद पाचन में सहायता करती है और शरीर को ठंडा रखती है।

इन सारे पारंपरिक व्यंजनों जो एक बात कॉमन है वो ये है कि ये सभी प्रकृति के अनुरूप बनाए गए हैं और मौसम के अनुसार शरीर की जरूरतों को पूरा करते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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