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वेयर अबाउट क्लॉज का उल्लंघन करने की मिली जूडोका तूलिका मान को कड़ी सजा, लगा प्रतिबंध, राष्ट्रमंडल खेलों से हटाया

नाडा ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 की रजत पदक विजेता जूडोका तूलिका मान को पिछले 12 महीनों में तीन बार रहने के स्थान की जानकारी देने में नाकाम रहने के कारण अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

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तुलिका मान (फोटो क्रेडिट @tulika_maan X)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 की रजत पदक विजेता जूडोका तूलिका मान को पिछले 12 महीनों में तीन बार रहने के स्थान की जानकारी देने में नाकाम रहने के कारण अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है जिससे उन्हें ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों से भारतीय टीम से हटा दिया गया है। तूलिका (27 वर्ष) ने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 78 किग्रा से अधिक वजन वर्ग में रजत पदक जीता था और इस बार भी वह पदक की प्रबल दावेदार थीं। अब उन पर दो साल के प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है।

एक जूडो कोच ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा,'वह 12 महीनों के भीतर तीन बार रहने के स्थान की जानकारी देने में नाकाम रहीं और नाडा ने उन्हें नोटिस भेजा है। इसलिए उन्हें टीम से बाहर किया जाएगा। इस तरह दिल्ली की यह खिलाड़ी ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों से हटाई जाने वाली दूसरी जूडोका बन गईं। गुरुवार को एक अन्य भारतीय जूडोका अरुण कुमार (73 किग्रा से कम वजन वर्ग में) को भी हटा दिया गया क्योंकि वह प्रतियोगिता से बाहर की गई डोप जांच में विफल पाए गए। नाडा ने उनके शरीर में एनाबॉलिक स्टेरॉयड पाए जाने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।

तूलिका देश की सबसे सफल जूडो खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जहां उनका अभियान राउंड ऑफ 32 में समाप्त हो गया था। उन्होंने 2022 और 2024 विश्व जूडो चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया था। भारतीय जूडो टीम अभी तक राष्ट्रमंडल खेलों के लिए रवाना नहीं हुई है क्योंकि उनकी प्रतियोगिताएं 31 जुलाई से शुरू होंगी। टीम के जूडो खिलाड़ियों को 27 जुलाई को रवाना होना है।

भारत ने शुरुआत में 14 सदस्यीय जूडो टीम को मंजूरी दी थी, जिसमें सात पुरुष और सात महिला खिलाड़ी शामिल थे। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल तीन पदक जीते थे। 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में गई छह सदस्यीय भारतीय जूडो टीम ने दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया था।

विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के नियमों के अनुसार 12 महीनों की अवधि में तीन बार स्थल की जानकारी नहीं देने (स्थान संबंधी जानकारी जमा नहीं करना या फिर डोप जांच के लिए अनुपस्थित रहना) को डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन माना जाता है। 'रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल' (आरटीपी) में शामिल खिलाड़ियों को अपने रात में ठहरने के स्थान का पूरा पता, ट्रेनिंग स्थल, कार्यस्थल या अन्य नियमित गतिविधियों के स्थान का पूरा विवरण तथा प्रत्येक गतिविधि का सामान्य समय देना अनिवार्य होता है।

इसके अलावा आरटीपी में शामिल खिलाड़ियों को हर दिन के लिए 60 मिनट का एक निश्चित समय और स्थान भी बताना होता है, जहां वे डोप जांच के लिए उपलब्ध मिलेंगे। अगर कोई खिलाड़ी इन स्थान संबंधी जानकारी और डोप जांच से जुड़ी अनिवार्यताओं का पालन नहीं करता है तो इसे डोपिंग रोधी नियमों का उल्लघंन माना जाता है।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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