Vaibhav Sooryavanshi: टीम इंडिया के 15 साल के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए जिम्बाब्वे का हरारे स्पोर्ट्स क्लब एक ऐसा मैदान है, जहां पहुंचते ही वैभव जमकर रन बनाते हैं। यहां की पिच पर उनका बल्ला हर बार आग उगलता है। वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में इस मैदान पर 19 गेंदों में 50 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के जड़े। वैभव की पारी के दम पर ही भारतीय टीम ने जिम्बाब्बे को 7 विकेट से मात दी। दोनों टीम में वैभव ही एकमात्र ऐसी खिलाड़ी रहे, जिसने मैच में हाफ सेंचुरी लगाई।
अंडर-19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से शुरू हुआ रिश्ता
वैभव और हरारे स्पोर्ट्स क्लब का रन बनाने का रिश्ता इसी साल अंडर-19 विश्व कप से शुरू हुआ। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ भारत को 311 रन का बड़ा लक्ष्य मिला था। दबाव वाले मैच में 14 साल के वैभव ने सिर्फ 24 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर दी। उन्होंने 33 गेंदों पर 68 रन की आतिशी पारी खेलकर भारत को जीत की राह दिखाई थी।
इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 175 रनों का तूफान
फाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से हुआ और मैदान फिर वही था- हरारे स्पोर्ट्स क्लब। बड़े मैच के बड़े खिलाड़ी वैभव ने इतिहास रच दिया। उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रन ठोक दिए। इस पारी में 15 छक्के और 15 चौके शामिल थे। यह किसी भी आईसीसी फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया। भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठा अंडर-19 विश्व कप जीता। वैभव उस जीत के हीरो रहे।
सबसे कम उम्र में अर्धशतक का रिकॉर्ड
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में वैभव ने 18 गेंदों पर फिफ्टी जड़ी। अपनी 4 चौके और 4 छक्के की पारी के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का कारनाम कर दिखाया। उन्होंने इस पारी से नेपाल के कुशल मल्ला और सचिन तेंदुलकर का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया।
