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हजारों रुपये खर्च करने से पहले जानिए! असली और नकली बनारसी साड़ी की पहचान कैसे करें

Real vs Fake Banarasi Saree: बनारसी साड़ी पीढ़ियों तक संभालकर रखी जाने वाली धरोहर होती है। इसलिए केवल रंग या डिजाइन देखकर फैसला न लें। उसकी बुनाई, रेशम, जरी और प्रमाणिकता की जांच जरूर करें।

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असली और नकली बनारसी साड़ी में कैसे करें फर्क? (AI Generated Image)

How to identify fake Banarasi Saree: महिलाओं को बनारसी साड़ी खूब पसंद आती है। वो इश साड़ी को खास मौकों पर पहनती हैं। बनारसी साड़ियों की बात ही कुछ और होती है, तभी तो देश दुनिया में इसकी इतनी मांग है। बहुत ज्यादा डिमांड होने के कारण मार्केट में नकली बनारसी साड़ियों की भी भरमार है। कई बार हमारे घर परिवार की औरतें हजारों रुपये खर्च कर साड़ी खरीदती तो हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि खरीदी गई साड़ी असली बनारसी नहीं है। ऐसे में अगर आप भी बनारसी साड़ी खरीदने की सोच रही हैं, तो ये आसान तरीके आपको असली और नकली की पहचान करने में मदद करेंगे:

GI टैग और सिल्क मार्क देखें

असली बनारसी साड़ी खरीदते समय GI (Geographical Indication) टैग और Silk Mark जरूर देखें। GI टैग इस बात का प्रमाण है कि साड़ी बनारस क्षेत्र में तैयार की गई है, जबकि Silk Mark यह सुनिश्चित करता है कि साड़ी में असली रेशम का इस्तेमाल हुआ है।

साड़ी के पीछे का हिस्सा देखें

हैंडलूम पर बुनी गई असली बनारसी साड़ी के पीछे धागों की बुनाई साफ दिखाई देती है। जरी के डिजाइन के पीछे हल्के-फुल्के फ्लोटिंग थ्रेड्स नजर आते हैं। वहीं मशीन से बनी नकली बनारसी साड़ियों की बुनाई एक जैसी और परफेक्ट दिखती है।

जरी की क्वालिटी

असली बनारसी साड़ी की पहचान उसकी जरी से भी होती है। अच्छी गुणवत्ता वाली जरी में चांदी पर सोने की परत चढ़ाई जाती है या फिर उच्च गुणवत्ता वाले धातु के धागे इस्तेमाल होते हैं। नकली साड़ियों में जरी अक्सर प्लास्टिक या सिंथेटिक धागों जैसी चमक देती है, जो कुछ समय बाद फीकी पड़ने लगती है।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: जानिए असली हैंडलूम साड़ी की क्या है पहचान

रेशम को महसूस करें

असली सिल्क की बनारसी साड़ी हाथ में मुलायम लगती है और उसमें प्राकृतिक चमक होती है। उसे मोड़ने पर हल्की-सी सिलवट पड़ सकती है। दूसरी ओर, सिंथेटिक कपड़ा ज्यादा चिकना और कृत्रिम चमक वाला महसूस होता है।

कीमत से लगाएं अंदाजा

अगर कोई भारी जरी वाली बनारसी सिल्क साड़ी बहुत कम कीमत में मिल रही है, तो सावधान हो जाइए। असली बनारसी साड़ी को तैयार करने में कई दिन या कई बार कई सप्ताह लग जाते हैं। इसलिए उसकी कीमत आमतौर पर ज्यादा ही होती है।

बुनाई के डिजाइन

असली बनारसी साड़ियों में बेल, बूटी, जाल, कलगा, बेलदार और मुगलकालीन प्रेरित डिजाइन बेहद बारीकी से बुने जाते हैं। मशीन से बनी नकली साड़ियों में ये डिजाइन कई बार देखने से ही बनावटी लग जाते हैं।

भरोसे की दुकान से ही खरीदें

अगर पहली बार बनारसी साड़ी खरीद रहे हैं, तो किसी प्रतिष्ठित हैंडलूम स्टोर, सरकारी एम्पोरियम या विश्वसनीय ब्रांड से खरीदना बेहतर रहेगा। ऑनलाइन खरीदते समय भी दुकानदार की रेटिंग, रिव्यू और प्रोडक्ट की प्रमाणिकता जरूर जांचें।

खरीदारी में जल्दबाजी न करें

बनारसी साड़ी पीढ़ियों तक संभालकर रखी जाने वाली धरोहर होती है। इसलिए केवल रंग या डिजाइन देखकर फैसला न लें। उसकी बुनाई, रेशम, जरी और प्रमाणिकता की जांच जरूर करें। थोड़ी-सी सावधानी आपको नकली साड़ी खरीदने से बचा सकती है और आपकी अलमारी में एक ऐसी बनारसी साड़ी शामिल कर सकती है, जिसकी खूबसूरती वर्षों तक बरकरार रहे।

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