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Dr. Bhimrao Ambedkar Motivational Quotes: सफलता चुमेगी कदम, अगर आपने मान ली बाबा साहेब अंबेडकर की ये 10 बातें

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Apr 18, 2024, 08:44 PM IST

Dr. Bhimrao Ambedkar Motivational Quotes: डॉ. बी आर अम्बेडकर (Dr. Baba Saheb Ambedkar) का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को महू, भारत में हुआ था। भारतीय इतिहास में बाबासाहेब (Dr. Baba Saheb Ambedkar) का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जा चुका है। उनके अनमोल विचार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं।

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Bhimrao Ambedkar Motivational Quotes

Dr. Bhimrao Ambedkar Motivational Quotes: भारतीय संविधान के निर्माता, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर (Dr. Baba Saheb Ambedkar) के अनमोल विचार आज भी लोगों को काफी प्रेरित करते हैं। बाबासाहेब (Dr. Baba Saheb Ambedkar) भारतीय न्यायविद, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक थे जिन्होंने पिछड़ी जाती को समाज में बराबर का अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके इस बलिदान को आज भी याद किया जाता है। डॉ. बी आर अम्बेडकर (Dr. Baba Saheb Ambedkar) का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को महू, भारत में हुआ था। भारतीय इतिहास में बाबासाहेब (Dr. Baba Saheb Ambedkar) का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जा चुका है। उन्हें जाति-आधारित समाज में एक दलित (जिसे पहले अछूत कहा जाता था) के रूप में काफी भेदभाव का सामना करना पड़ा था। उन्होंने (Dr. Baba Saheb Ambedkar) लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, कोलंबिया विश्वविद्यालय और बॉम्बे विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल की थी। उनके विचार स्टूडेंट्स और समाज के लोगों को काफी प्रेरित करते हैं। ऐसे में आज हम आपके लिए बाबासाहेब (Dr. Baba Saheb Ambedkar) के कुछ अनमोल विचार लेकर आए हैं।

डॉ भीमराव अंबेडकर के अनमोल विचार - Dr. Bhimrao Ambedkar Motivational Quotes

1. मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है।

2. मैं एक समुदाय की प्रगति को उस डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है।

3. वे इतिहास नहीं बना सकते जो इतिहास को भूल जाते हैं।

4. शिक्षित बनो, संगठित रहो और उत्तेजित बनो।

5. धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए।

6. मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं।

7. एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है।

8. समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।

9. बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।

10. मानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।

रितु राज
Ritu raj author

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां... और देखें

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