Governor Security: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राजभवन में तैनात कोलकाता पुलिस के कर्मियों को परिसर खाली करने का निर्देश दिया। दरअसल, राज्यपाल सीबी आनंद बोस राजभवन के उत्तरी द्वार के पास स्थित पुलिस चौकी को 'जन मंच' में बदलने की योजना बना रहे हैं। राज्यपाल का कहना है कि पुलिस उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रही है तो चलिए समझते हैं कि आखिर राज्यपाल की सुरक्षा का जिम्मा कौन संभालता है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 के तहत प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा। राज्यपाल का पद एक संवैधानिक पद है और यह राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और वह राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में काम करते हैं।
कौन करता है राज्यपाल की सुरक्षा?
केंद्र और राज्य के बीच एक पुल की तरह काम करने वाले राज्यपाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती हैं। प्रोटोकॉल के मुताबिक, राज्य सरकार के निर्देश पर स्थानीय पुलिस प्रशासन राज्यसभा की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है। ऐसे में पुलिस अपनी पूरी ताकत झोंककर राज्यपाल को सुरक्षा प्रदान करते हैं।

राजभवन
हालांकि, गृह मंत्रालय समय-समय पर वीआईपी लोगों की सुरक्षा की समीक्षा करती है। ऐसे में किसी प्रकार की कोई धमकी इत्यादि का इनपुट मिलने पर गृह मंत्रालय अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराती है। इसमें वाई से लेकर जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा शामिल है। कुछ राज्यों में राज्यपालों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भी तैनाती की जाती है।
अमूमन राज्यपाल के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था उन राज्यों में की जाती है जहां पर सुरक्षा का खतरा ज्यादा होता है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस और केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है।
