National Security Advisor: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अजीत डोभाल पर फिर भरोसा जताते हुए उन्हें पुन: नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) नियुक्त किया। आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अजीत डोभाल की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के साथ या अगले आदेश तक रहेगी।
आदेश में कहा गया कि अजीत डोभाल को उनके कार्यकाल के दौरान वरीयता क्रम में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। ऐसे में आज समझते हैं कि नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर क्या होता है और एनएसए की नियुक्ति कैसे होती है?
क्या होता है NSA?
नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA), जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कहा जाता है। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSE) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता है, यह एक महत्वपूर्ण सरकारी पद है। एनएसए का काम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों में प्रधानमंत्री को सलाह देना है। एनएसए की प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति इत्यादि मसलों पर नीति निर्माण की होती है। साथ ही प्रधानमंत्री को सुरक्षा से जुड़े मसलों की जानकारी मुहैया कराना है।
एनएसए को खुफिया एजेंसियां, रॉ और आईबी सीधे रिपोर्ट करती है। इस पद को 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सृजित किया था।
अब तक कौन-कौन संभाल चुका है NSA की जिम्मेदारी
| क्रमांक | नाम | कार्यकाल |
| 1 | बृजेश मिश्र | 1998-2004 |
| 2 | जेएन दीक्षित | 2004-2005 |
| 3 | एमके नारायनम | 2005-2010 |
| 4 | शिवशंकर मेनन | 2010-2014 |
| 5 | अजीत डोभाल | 2014 से... |
कौन जारी करता है नियुक्ति आदेश?
एनएसए की नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति संबंधी समिति द्वारा की जाती है और नियुक्ति का आदेश कार्मिक मंत्रालय जारी करता है। हाल ही में कार्मिक मंत्रालय ने अजीत डोभाल को पुन: एनएसए नियुक्त करने संबंधी आदेश जारी किया। कार्मिक मंत्रालय ने आदेश में कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति संबंधी समिति ने आईपीएस (सेवानिवृत्त) अधिकारी अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो 10 जून 2024 से प्रभावी होगी
