Mars Craters: सौर मंडल के सातवें सबसे बड़े ग्रह मंगल की सतह पर हाल ही में तीन क्रेटर की खोज की गई। इन क्रेटरों के नाम फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी (PRL) के विज्ञानिकों ने की। इसी आधार पर तीन में से दो क्रेटर के नाम देश के दो प्रमुख राज्यों के शहरों के नाम पर रखे गए, जबकि अन्य एक क्रेटर का नाम पीआरएल के पूर्व निदेशक के नाम पर रखा गया।
नामकरण को मिली मंजूरी
इस माह की शुरुआत में एक अंतरराष्ट्रीय निकाय ने मंगल ग्रह की सतह पर मिले क्रेटर के नामकरण को मंजूरी दी। भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग की एक इकाई पीआरएल ने बताया कि तीन क्रेटर मंगल ग्रह के थारिस ज्वालामुखी क्षेत्र में स्थित हैं। थारिस मंगल ग्रह के पश्चिमी गोलार्ध में भूमध्य रेखा के पास केंद्रित विशाल ज्वालामुखीय पठार है।
पीआरएल के निदेशक अनिल भारद्वाज ने कहा कि पीआरएल की सिफारिश पर अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) के एक कार्य समूह ने पांच जून को लाल क्रेटर, मुरसान क्रेटर और हिलसा क्रेटर नाम देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

मंगल ग्रह के तीन क्रेटर (फोटो साभार: ISRO)
मंगल की सतह पर मिलने वाला लाल क्रेटर (Lal Crater)
लाल क्रेटर लगभग 65 मीटर चौड़ा क्रेटर है। इस क्रेटर का केंद्र 20.98 डिग्री और 209.34 डिग्री है। इसका नाम प्रसिद्ध भारतीय भूभौतिकीविद् और पीआरएल के पूर्व निदेशक प्रो. देवेंद्र लाल के नाम पर रखा गया है। प्रो. देवेंद्र लाल 1972-1983 के दौरान PRL के निदेशक थे।
कहां है मुरसान क्रेटर? (Mursan Crater)
मुरसान शहर का नाम उत्तर प्रदेश में स्थित शहर के नाम पर पड़ा है। मुरसान क्रेटर लगभग 10 किमी चौड़ा है और लाल क्रेटर के पूर्वी हिस्से पर बना हुआ है।
हिलसा क्रेटर (Hilsa Crater)
हिलसा क्रेटर लगभग 10 किमी चौड़ा क्रेटर है और यह लाल क्रेटर के पश्चिमी हिस्से पर बना हुआ है। इसका नाम देश के बिहार के एक शहर के नाम पर रखा गया है।
(भाषा इनपुट के साथ)
