Apophis Asteroid: अनंत ब्रह्मांड में मौजूद असंख्य आकाशगंगाओं में से एक हमारी अपनी आकाशगंगा मिल्की वे में भी अनेकों रहस्य छिपे हुए हैं और खगोलविद एक के बाद एक रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में अंतरिक्ष प्रेमियों और खगोलविदों को एक ऐसा दुर्लभ नजारा दिखाई दे सकता है, जो जिंदगी में एक बार देखा जाने वाला मौका साबित हो सकता है।
क्या और कब दिखाई देगा?
साल 2029 में संभवत: जिंदगी में महज एक बार दिखाई देने वाला है। खगोलविदों के मुताबिक, 13 अप्रैल 2029 को '99942 एपोफिस' (Apophis) नामक एक विशालकाय एस्टेरॉयड पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला है। हालांकि, गगनचुंबी इमारत जितने आकार वाले इस एस्टेरॉयड से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है।
एपोफिस का नाम मिस्र के आराजकता और विनाश के प्राचीन देवता के नाम पर रखा गया है। इस एस्टेरॉयड को God of Chaos नाम भी दिया गया है, जिसे आसान भाषा में हम 'तबाही का देवता' कहते हैं।
नग्न आंखों से कर सकेंगे दीदार
इस एस्टेरॉयड को लगभग दुनिया के 90 फीसदी लोग प्रदूषण मुक्त आसमान में देख पाएंगे। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि इसे आप नग्न आंखों से भी देख सकते हैं। इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ पादुआ में आयोजित 'एपोफिस टी-3 इयर्स' वर्कशॉप के दौरान खगोलविदों ने इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी के ऊपर से गुजरने का एक विस्तृत विजिबिलिटी मैप यानी दृश्यता मानचित्र साझा किया है।
Asteroid Apophis
कैसा दिखेगा नजारा
खगोलविदों के मुताबिक, एपोफिस नामक एस्टेरॉयड किसी टूटते हुए तारे की तरह तेज रोशनी नहीं बिखेरेगा, बल्कि यह आसमान में रेंगते हुए एक चमकीले बिंदु जैसा नजर आएगा, जिसे लंबे समय तक देखा जा सकेगा। खगोलविदों का मानना है कि एपोफिस किसी सैटेलाइट से भी धीमी गति से आगे बढ़ेगा और इसे आसमान पार करने में कुछ घंटे लगेंगे।
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एपोफिस देखने का सबसे बढ़िया समय
विजिबिलिटी मैप के मुताबिक, एपोफिस लगबग 7 घंटे तक नग्न आंखों से दिखाई देगा। ऐसे में अंतरिक्ष प्रेमियों के पास एपोफिस का दीदार करने के लिए पर्याप्त समय होगा। भारतीय समयानुसार, 13 अप्रैल 2029 की रात 8:30 बजे दिखना शुरू होगा। शुरुआत में इसे ऑस्ट्रेलिया और एशिया के अधिकांश हिस्सों में देखा जा सकेगा। लेकिन रात 2:05 बजे पर जब यह सबसे ज्यादा चमकीला होगा तब एशिया, अफ्रीका, यूरोप और दक्षिण अमेरिका के लोग इसे देख पाएंगे।
Asteroid Apophis
हालांकि, एपोफिस रात 3:15 बजे धरती के सबसे नजदीक होगा, जो उत्तरी अटलांटिक महासागर से लगभग 31,600 किलोमीटर की ऊंचाई से गुजरेगा। आसान शब्दों में कहें तो अंत में एपोफिस पूर्वी दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन उत्तरी अमेरिका इस दुर्लभ दृश्य से लगभग वंचित रहेगा।
धरती को कोई खतरा नहीं
स्पेस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के प्रोफेसर रिचर्ड बिनजेल ने साफ किया है कि एपोफिस पृथ्वी के पास से सुरक्षित रूप से गुजर जाएगा। आपको बता दें कि साल 2004 में जब एपोफिस की खोज हुई थी तक इसके 2029 में टकराने की संभावना जताई गई थी, जो उस समय के ज्ञात सबसे खतरनाक एस्टेरॉयड की श्रेणी में उसे शामिल करता था, लेकिन पिछले दो दशकों की सटीक गणनाओं और शोध के बाद खगोलविदों ने यह स्पष्ट किया कि अगले 100 सालों तक इससे हमारी पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है।
