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अर्थशास्त्र में नोबेल का ऐलान, रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को मिला 2026 का नोबेल, 11.5 करोड़ की प्राइज मनी

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 2026 अमेरिकी अर्थशास्त्री रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को मिला है। मैक्रोइकॉनॉमिक स्टेबिलाइजेशन पर काम के लिए सम्मान, 11.5 करोड़ की प्राइज मनी मिलेगी।

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अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 2026 रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को

माइकल वुडफोर्ड और रॉबर्ट ई. हॉल ने 'मैक्रोइकॉनॉमिक स्टेबिलाइज़ेशन (समष्टि-आर्थिक स्थिरता) के माइक्रोइकॉनॉमिक (व्यष्टि-आर्थिक) आधार' के लिए इस साल का इकोनॉमिक साइंसेज में नोबेल पुरस्कार जीता। इस साल के पुरस्कारों की श्रृंखला में आखिरी पुरस्कार, इकोनॉमिक्स में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार, की घोषणा सोमवार को स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा की गई।

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का आधिकारिक नाम 'अल्फ्रेड नोबेल की याद में इकोनॉमिक साइंसेज में स्वेरिजेस रिक्सबैंक पुरस्कार' है और इसकी इनामी राशि 1.2 मिलियन डॉलर है।

पिछले साल यह पुरस्कार जोएल मोकिर, फिलिप एगियन और पीटर हॉविट को 'क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन' (रचनात्मक विनाश) पर उनके काम के लिए मिला था। उन्होंने बताया था कि कैसे नई तकनीक और उत्पादन के तरीके विकास और जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं। इन दो अमेरिकी लोगों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए नोबेल पुरस्कार समिति ने कहा, 'उन्होंने दिखाया कि स्टेबिलाइजेशन पॉलिसी (स्थिरता नीति) को फिर से जीवंत करने के लिए इकोनॉमिक मॉडल को कैसे नए सिरे से बनाया जा सकता है। महंगाई, उत्पादन और खपत जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक वेरिएबल्स के बीच सांख्यिकीय संबंधों पर मॉडल बनाने के बजाय, उन्होंने उन्हें माइक्रोइकॉनॉमिक आधार पर बनाने का विकल्प चुना।'

सेंट्रल बैंक ने इसे 1968 में नोबेल की याद में शुरू किया था

इकोनॉमिक्स पुरस्कार को आधिकारिक तौर पर 'अल्फ्रेड नोबेल की याद में इकोनॉमिक साइंसेज में बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार' के नाम से जाना जाता है। सेंट्रल बैंक ने 1968 में नोबेल की याद में शुरू किया था। नोबेल 19वीं सदी के स्वीडिश व्यवसायी और रसायनज्ञ थे, जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था और पांच नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत की थी।

बिजनेस इनोवेशन पर रिसर्च करने वाले तीन शोधकर्ताओं को यह पुरस्कार

पिछले साल, बिजनेस इनोवेशन पर रिसर्च करने वाले तीन शोधकर्ताओं को यह पुरस्कार मिला था। उन्होंने समझाया था कि कैसे नए उत्पाद और आविष्कार आर्थिक विकास और मानव कल्याण को बढ़ावा देते हैं, भले ही वे पुरानी कंपनियों को पीछे छोड़ देते हैं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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