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Francis Halzen को मिला Physics का Nobel, IceCube Observatory और खगोलीय न्यूट्रिनो की खोज के लिए मिला सम्मान

फ्रांसिस हैल्जेन को मंगलवार को फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार मिला। उन्हें यह पुरस्कार 'आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी' में उनके योगदान और एस्ट्रोफिजिकल ओरिजिन वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया।

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फ्रांसिस हैल्ज़ेन को फिजिक्स का नोबेल मिला

फ्रांसिस हैल्जेन (Francis Halzen) को एस्ट्रोफिजिकल न्यूट्रिनो की खोज के लिए फिजिक्स का नोबेल मिला है। पिछले साल, तीन वैज्ञानिकों को फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार मिला था। उन्होंने 'क्वांटम टनलिंग' नाम के सब-एटॉमिक पार्टिकल्स के अजीब व्यवहार पर रिसर्च की थी। इसी रिसर्च की वजह से MRI मशीनों से बहुत सटीक माप लेना मुमकिन हुआ और बेहतर सेलफोन और तेज़ कंप्यूटर बनाने का आधार तैयार हुआ।

फ्रांसिस हैल्जेन को यह पुरस्कार 'आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी' में उनके योगदान और एस्ट्रोफिजिकल ओरिजिन वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया।

फिजिक्स के लिए नोबेल कमेटी के चेयरमैन मार्क पियर्स ने एक प्रेस रिलीज़ में कहा, 'फ्रांसिस हैल्जेन ने रिसर्चर्स और इंजीनियरों की एक इंटरनेशनल टीम का नेतृत्व किया, जिसने हमें एक शानदार इंस्ट्रूमेंट दिया है। उनकी लगन और वैज्ञानिक सोच ने एक नई तरह की एस्ट्रोनॉमी का रास्ता बनाया है।'

हैल्जेन की रिसर्च 1980 के दशक से चल रही है

बेल्जियम में जन्मे 82 साल के वैज्ञानिक अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन से जुड़े हैं। साउथ पोल पर न्यूट्रिनो को पकड़ने के लिए हैल्जेन की रिसर्च 1980 के दशक से चल रही है।रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ़ साइंसेज ने स्टॉकहोम में इस पुरस्कार की घोषणा की।

इस साल पुरस्कार की राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर है

इस साल पुरस्कार की राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन डॉलर) है, चाहे वह किसी व्यक्ति, विजेताओं के छोटे समूह या किसी संगठन को मिले। पिछले साल, तीन वैज्ञानिकों को फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार मिला था। उन्होंने 'क्वांटम टनलिंग' नाम के सब-एटॉमिक पार्टिकल्स के अजीब व्यवहार पर रिसर्च की थी।

पुरस्कारों की घोषणा मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार के साथ शुरू हुई

इस साल के पुरस्कारों की घोषणा सोमवार को मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार के साथ शुरू हुई। यह पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को दिया गया, जिनके काम से एक ऐसा टूल बना जो रोशनी का इस्तेमाल करके यह समझने में मदद करता है कि दिमाग कैसे काम करता है। इस हफ्ते पुरस्कारों का सिलसिला बुधवार को केमिस्ट्री और गुरुवार को लिटरेचर के पुरस्कार के साथ जारी रहेगा। शुक्रवार को शांति पुरस्कार दिए जाने के बाद, सोमवार को इकोनॉमिक साइंसेज में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार की घोषणा की जाएगी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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