नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और WY टैबलेट्स बरामद की हैं। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इनकी कीमत करीब 43 करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी मणिपुर के बिष्णुपुर के रहने वाले हैं।
NCB ने यह कार्रवाई 6 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में खुफिया जानकारी के आधार पर की थी। एजेंसी के अधिकारियों ने दो ट्रकों को रोककर उनकी तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों ट्रकों के फ्यूल टैंक में खास तरीके से गुप्त जगह बनाई गई थी। इन्हीं छिपे हुए हिस्सों में नशीले पदार्थ रखे गए थे, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचकर उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सके।तलाशी के दौरान अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की और मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
म्यांमार से जुड़ रहे हैं तस्करी के तार
NCB की शुरुआती जांच में पता चला है कि जब्त की गई नशीले पदार्थों की खेप म्यांमार से आई थी। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच अधिकारियों का मकसद यह पता लगाना है कि इस खेप को किसने भेजा था, भारत में इसे किसे पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके साथ ही तस्करी के लिए पैसा देने वालों, ट्रांसपोर्टरों, खेप को संभालने वालों और दूसरे सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है। एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि पूरे तस्करी गिरोह को खत्म किया जा सके।
NDPS के छह फरार आरोपी भी गिरफ्तार
नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ NCB गुवाहाटी ने NDPS से जुड़े अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे छह आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां एजेंसी की विशेष मुहिम 'एब्सकॉन्डर ड्राइव फोर्टनाइट' के तहत की गई हैं। इस अभियान का मकसद उन आरोपियों को पकड़ना है, जो नशे से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई से बच रहे हैं।गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में दो असम के रहने वाले हैं, जबकि बिहार, मध्य प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा से एक-एक आरोपी को पकड़ा गया है।
NCB के मुताबिक, इस अभियान के जरिए अलग-अलग राज्यों में फरार आरोपियों की तलाश कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा रहा है। इससे पुराने मामलों की जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी
NCB का कहना है कि नशे के खिलाफ उसकी कार्रवाई सिर्फ ड्रग्स की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है। एजेंसी का लक्ष्य तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ना है। इसमें नशे की खेप भेजने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से लेकर भारत में उसे पहुंचाने, पैसा लगाने, भंडारण करने और आगे सप्लाई करने वालों तक की पहचान करना शामिल है। इसके लिए NCB असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में पुलिस, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), असम राइफल्स, BSF, CRPF, SSB, कस्टम्स, DRI, NIA और ED समेत दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
एजेंसी के मुताबिक, नशे की तस्करी के मामलों में पैसों के लेन-देन और तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्तों की भी जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के आर्थिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क को कमजोर किया जा सके। NCB का कहना है कि नशे की सप्लाई चेन से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने और संगठित तस्करी गिरोहों को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान को मजबूत करना है।
