Planetary Parade 2025: आसमान को निहारने वालों के लिए खुशखबरी है। आसमान में साल की पहली खगोलीय घटना होने वाली है, जो अंतरिक्ष प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर सकती है। दरअसल, आसमान में एक बार फिर से कई ग्रह एक साथ दिखाई देंगे, जिन्हें बोलचाल की भाषा में 'ग्रहों की परेड' कहा जाता है। आप लोगों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड तो देखी ही होगी, लेकिन क्या आप लोगों ने 'ग्रहों की परेड' देखी है। अगर नहीं देखी तो इस बार 'ग्रहों की परेड' देखने का मौका न गंवाएं।
कदमताल करेंगे ग्रह
आसमान में मंगलवार से 'ग्रह' क्रमबद्ध तरीके से एक साथ एक कतार में नजर आएंगे। इनमें शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, नेपच्यून और यूरेनस शामिल हैं। देखने में ये छहों ग्रह एक कतार में एक साथ नजर आएंगे, लेकिन विशालकाय सौरमंडल में वे एक-दूसरे से लाखों किमी की दूरी पर मौजूद हैं।
क्या है ग्रहों की परेड?
खगोलीय दृष्टि से जब कभी सूर्य की परिक्रमा करने वाले दो या दो से ज्यादा ग्रह एक साथ एक कतार में नजर आते हैं तो उन्हें प्लेनेटरी अलाइनमेंट, प्लेनेटरी परेड या ग्रहों की परेड कहते हैं।
कब दिखेगा दुर्लभ नजारा?
ग्रहों की परेड 21 जनवरी से लेकर 21 फरवरी के बीच में होने वाली है जिसे भारत, अमेरिका समेत दुनिया के तमाम देशों से देखा जा सकता है। सूर्यास्त के ठीक बाद आसमान में मंगल, बृहस्पति, शुक्र, शनि, यूरेनस और नेपच्यून को देखा जा सकेगा। हालांकि, यह तमाम ग्रह पूरी तरह से सीधी रेखा में नहीं होंगे, लेकिन आसमान के एक ही हिस्से में दिखाई देना काफी रोमांचक होगा।

ग्रहों की परेड
प्लेनेटरी परेड को 21 जनवरी से देखा जा सकेगा और इसको देखने का सबसे बढ़िया समय सूर्यास्त के 45 मिनट से आगामी तीन घंटे तक है, क्योंकि इसके बाद शुक्र और शनि पश्चिमी क्षितिज से नीचे चले जाएंगे।
किन राज्यों से दिखेगा दुर्लभ नजारा
बादलों की स्थिति और मौसम के आधार पर यह दुर्लभ खगोलीय घटना देश भर में दिखाई देगा। देश के लगभग हर शहर, हर राज्य से ग्रहों की दुर्लभ परेड को देखा जा सकेगा। हालांकि, आप सभी लोग शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि को नग्न आंखों से देख सकेंगे, लेकिन नेपच्यून और यूरेनस को देखने के लिए दूरबीन की जरूरत होगी।
