Auroras in Jupiter: विज्ञानियों की सोच से भी परे ब्रह्मांड में कई वस्तुएं मौजूद हैं, जिनके बारे में जानकारी जुटाने की कवायद लगातार जारी है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ब्रह्मांड की नई हलचलों और पुराने रहस्यों पर लगातार स्टडी करता रहता है। हाल ही में नासा ने हमारे सोलर सिस्टम के सबसे बड़े ग्रह की ऑरोरा का मनमोहक दृश्य अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया।
नासा हबल स्पेस टेलीस्कोप ने आठ साल पहले जुपिटर ग्रह के वायुमंडल में आश्चर्यजनक एक प्रकाश शो देखा था। खगोलविदों ने हाल ही में साझा की गई तस्वीर को कैप्चर करने के लिए 30 जून, 2016 को हबल की पराबैंगनी क्षमताओं का इस्तेमाल किया था। इस तस्वीर को नासा ने यूरोपीय स्पेस एजेंसी और लीसेस्टर विश्वविद्यालय के जे. निकोल्स की मदद से कैप्चर की गई।
रंगीन तूफानों वाला ग्रह है जुपिटर
बकौल नासा, जुपिटर ग्रह रंगीन तूफानों के लिए जाना जाता है। नासा की तस्वीर में जुपिटर ग्रह एकदम स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इस ग्रह पर गैस के घूमते हुए बादल देखे जा सकते हैं और इसके निचले हिस्से में एक लाल धब्बा काफी लुहावना लगा रहा है। इस धब्बे को ग्रेट रेड स्पॉट के नाम से जाना जाता है।
कैसे बनती है ऑरोरा
जुपिटर ग्रह के उत्तरी हिस्से में चमकीली बैंगनी ऑरोरा दिखाई दे रहा है, पर ऑरोरा बनती कैसे हैं? यह सवाल अक्सर आप लोगों के ज़हन में आता होगा। हाल ही में पृथ्वी पर भी रात के समय आसमान में ऑरोरा लाइट शो देखने को मिला था। बकौल नासा, जब उच्च-ऊर्जा कण किसी ग्रह के चुंबकीय ध्रुवों के पास उसके वायुमंडल में प्रवेश करते हैं और गैस के परमाणुओं से टकराते हैं, तब ऑरोरा बनते हैं और तस्वीर में इसी प्रकार से निर्मित हुई बैंगनी रंग की चमकीली ऑरोरा दिखाई दे रही है।
जुपिटर ग्रह पर दिखाई दे रही ऑरोरा पृथ्वी पर ऑरोरा की तुलना में काफी विशाल और सैकड़ों गुना ज्यादा ऊर्जावान भी है। पृथ्वी पर सौर तूफानों की वजह से तीव्र ऑरोरा होता है।
