NASA Image: ब्रह्मांड हैरान करने वाले रहस्यों से भरा हुआ है और इससे जुड़ी हुई रोजाना कोई-न-कोई जानकारी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की तरफ से साझा की जाती है। ब्रह्मांड में सबसे ज्यादा मंत्रमुग्ध कर देने वाले मनोरम नजारे तो नेबुला के ही देखे जा सकते हैं, जिन्हें निहारिका भी कहा जाता है।
क्या है नेबुला?
काले घने अंतरिक्ष में धूल और गैस के विशाल बादल ही नेबुला हैं। आसान शब्दों में कहें तो नेबुला को तारों का घर भी कहा जा सकता है। नेबुला का निर्माण ही तारों की बदौलत होता है। जैसे कुछ नेबुला सुपरनोवा यानी तारों में हुए विस्फोट से बनते हैं तो अन्य नेबुला नए तारों के निर्माण से बनते हैं।
हाल ही में नासा ने नेबुला NGC 3603 की एक तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर में गैस और धूल की संरचना के साथ चमकते हुए असंख्य तारे दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर को नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने कैप्चर किया था और यह हमारी मिल्की वे की कैरिना सर्पिल भुजा में स्थित एक मुख्य तारा निर्माण क्षेत्र है।
कौन हैं नेबुला NGC 3603 के खोजकर्ता?
बकौल नासा, ब्रह्मांड में मौजूद असंख्य वस्तुओं में से एक नेबुला NGC 3603 की सबसे पहले सर जॉन हर्शेल ने खोज की थी। यह तस्वीर लगभग 17 प्रकाश वर्ष तक फैली हुई है और इसे 29 दिसंबर, 2005 को हबल स्पेस टेलीस्कोप के एडवांस्ड कैमरा फॉर सर्वे से कैप्चर किया गया था।
मिल्की वे में विशाल युवा तारों के समूहों में से एक नेबुला NGC 3603 लगभग 20,000 प्रकाश वर्ष दूर है। डीप स्पेस की इस तस्वीर में हजारों तारों धूल और गैस की संरचनाओं वाले क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं। इसके केंद्र में एक केंद्रीय तारा समूह है, जिसके दोनों ओर एक-एक नेबुला है। वहीं, ऊपरी दाएं कोने में काले बादलों का एक छोटा समूह है जिसे बोक ग्लोब्यूल्स कहा जाता है।
