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Attention Please! हर हवाई जहाज में लिखा होता है VT, यात्रा करने से पहले जान लें इस कोड की कहानी

VT Call Sign: हवाई जहाज में कई तरह के कोड लिखे होते हैं और यह कोड बेहद खास होते हैं। इनमें से एक कोड हवाई जहाज के पिछले हिस्से में लिखा होता है जिसकी शुरुआत 'VT' से होती है। VT एक तरह का यूनिक कॉल साइन है। आमतौर 'VT' के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं होती है और इसे वह खास तरह का डिजाइन समझते हैं।

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VT कॉल साइन क्या है?

Photo : iStock

VT Call Sign: हवाई जहाज में आप लोगों ने सफर किया होगा। अगर नहीं किया है तो हवाई जहाज को आसमान में उड़ान भरते या फिर रनवे में खड़ा तो देखा ही होगा। ऐसे में क्या कभी हवाई जहाज को गौर से देखा है। हम ऐसा इसलिए पूछ रहे हैं, क्योंकि हवाई जहाज में कई तरह के कोड लिखे होते हैं और यह कोड बेहद खास होते हैं। इनमें से एक कोड हवाई जहाज के पिछले हिस्से में लिखा होता है जिसकी शुरुआत 'VT' से होती है।

आमतौर 'VT' के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं होती है। कई बार हम उसे हवाई जहाज की एक खास डिजाइन समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है तो चलिए विस्तार से समझते हैं 'VT' चिन्ह के बारे में।

क्या है VT?

VT एक तरह का यूनिक कॉल साइन है। दरअसल, जब दो देशों के बीच हवाई यात्रा की शुरुआत हुई तो ऐसा महसूस किया गया कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर विमानों की एक खास पहचान हो। मने कहां कौन से देश का विमान खड़ा है। ऐसे में एक यूनिक कॉल साइन आवंटित किए गए। अगर विमान रनवे पर खड़ा है या फिर आसमान में है और आप उसे आसानी से देख सकते हैं तो विमान के कॉल साइन को देखकर आप पहचान जाएंगे कि वह किस देश का विमान है।

भारत के लिए 'VT' कॉल साइन आवंटित किया गया था, जबकि अमेरिका का कॉल साइन 'N' और रूस का 'RA' है। इसी प्रकार अन्य देशों के भी अपने अलग कॉल साइन हैं।

VT call sign

VT कॉल साइन

भारत को कब मिला यूनिक कॉल साइन?

साल 1927 का नौवां महीना चल रहा था जब इंटरनेशनल रेडियोटेलीग्राफ ऑफ वॉशिंगटन में भारत के लिए VT कॉल साइन आवंटित किया था। यह वो दौर था जब भारत में अंग्रेज शासन करते थे। ऐसे में भारत को VT कॉल साइन मिला। जिसका मतलब है- विक्टोरियन/वायसराय टेरिटरी। दरअसल, विमानों को यातायात संचार के लिए यूनिक कॉल साइन इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) देता है।

उस वक्त भारत को तीन विकल्पों में से किसी एक को कॉल साइन के रूप में चुनना था। इनमें ATA-AWZ, VTA-VWZ और 8TA-8YZ का विकल्प मौजूद था। हालांकि, इन शब्दों में से किसी एक के शुरुआती दो अक्षर या फिर महज एक अक्षर को चुना जा सकता था। ऐसे में अंग्रेजों ने बीच वाले विकल्प के शुरुआती दो अक्षरों (VT) का चयन किया और भारत का कॉल साइन चुन लिया गया।

India VT call sign

VT कॉल साइन

कॉल साइन बदलने की उठ चुकी है मांग

भारत के 'VT' कॉल साइन को गुलामी का प्रतीक बताकर बदलने की मांग कई बार उठ चुकी है। हालांकि, 2021 के शीतकालीन सत्र में तत्कालीन उड्डयन राज्य मंत्री विजय कुमार सिंह ने राज्यसभा में दिए लिखित जवाब में कहा था कि 'VT' का मतलब 'वायसराय टेरिटरी' नहीं है। यह इंटरनेशनल रेडियोटेलीग्राफ ऑफ वॉशिंगटन में भारत को आवंटित किया गया था।

भारत से जुड़े हुए 'I', 'BH' या 'IN' जैसे कॉल साइन पहले ही अन्य देशों को आवंटित हो चुके हैं। ऐसे में यह कॉल साइन भारत को मिलना न के बराबर है। अगर 'VT' की जगह पर कोई अन्य कॉल साइन भारत को मिल भी गया तो हवाई जहाजों में कॉल साइन को बदलना बेहद खर्चीला साबित होगा। सनद रहे कि भारत के तमाम विमानों में 'VT' कॉल साइन होता है। हालांकि, हर विमान में 'VT' के आगे अलग-अलग नंबर भी लिखे होते हैं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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